जिले के नौ लाख बच्चों की होगी आंखों की जांच
बिहार शिक्षा परियोजना ने नौ लाख बच्चों की आंखों की जांच का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में आई स्क्रीनिंग कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य दृष्टिदोष की पहचान कर निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराना है। प्राथमिक चरण में चार प्रखंड़ में जांच की जाएगी।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिले के नौ लाख बच्चों की आंखों की जांच होगी। बिहार शिक्षा परियोजना ने इसको लेकर निर्देश दिया है। राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में आई स्क्रीनिंग कार्यक्रम का संचालन होना है।
कार्यक्रम के लिए करार
इसके लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद एवं साइटसेवर इंडिया, बिहार के बीच करार हुआ है। जिले के सरकारी विद्यालयों में वर्ष 2026 से 2029 तक इसका संचालन होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में दृष्टिदोष की पहचान कर आवश्यकतानुसार निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराना तथा गंभीर नेत्र रोगों से ग्रसित बच्चों का उचित इलाज कराना है।
पहले चरण में जांच
जिले के चार प्रखंड़ में पहले चरण में होगी जांच :
कार्यक्रम के प्रथम चरण में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान जिले के मुशहरी, कुढ़नी, कांटी एवं मड़वन प्रखंड में कार्यक्रम संचालित होगा। इसके लिए प्रधानाध्यापक अपने-अपने विद्यालयों से दो शिक्षकों के नाम आंख जांच के प्रशिक्षण के लिए नामित करेंगे। इसके बाद उसकी सूची प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) को उपलब्ध कराएंगे। नामित शिक्षकों को मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रखंड संसाधन केन्द्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए जगह की व्यवस्था बीईओ करेंगे। प्रशिक्षित शिक्षक अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों की प्रारंभिक आंख जांच करेंगे तथा चिह्नित बच्चों की सूची बीईओ को उपलब्ध कराएंगे। बीईओ प्राप्त सूची को जिला समावेशी शिक्षा समन्वयक के माध्यम से बिहार शिक्षा परियोजना को भेजेंगे।


