परियोजना आधारित शिक्षण पूरा नहीं करने पर 21 एचएम से स्पष्टीकरण
बिहार शिक्षा परियोजना के तहत कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षण गतिविधियों में सख्ती बढ़ाई गई है। 21 विद्यालयों को दो दिन में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। कार्य में असहयोग के कारण वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है। कई विद्यालयों ने आवश्यक साक्ष्य अपलोड नहीं किए हैं।

बिहार शिक्षा परियोजना की सख्ती, दो दिन में साक्ष्य समेत जवाब देने का निर्देश असहयोग पर वेतन रोकने की चेतावनी, अधौरा के छह और भगवानपुर के चार स्कूल शामिल (युवा पेज) भभुआ, नगर संवाददाता। बिहार शिक्षा परियोजना के तहत कक्षा छह से आठ तक संचालित परियोजना आधारित शिक्षण (पीबीएल) कार्य को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जुलाई 2026 में पीबीएल कार्य पूरा नहीं करने वाले जिले के 21 मध्य विद्यालयों की सूची जारी कर संबंधित प्रधानाध्यापकों और नामित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कार्रवाई की चेतावनी
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रशिक्षण एवं समग्र शिक्षा अभियान की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि पीबीएल कार्य पूरा करने के लिए बार-बार निर्देश और प्रखंड तकनीकी टीम द्वारा स्मारक दिया गया। इसके बावजूद कई विद्यालयों में कार्य शुरू नहीं किया गया, जबकि कई स्कूलों ने साक्ष्य तक अपलोड नहीं किए। जारी सूची के अनुसार 11 स्कूलों में पीबीएल कार्य शुरू नहीं किया गया है, जबकि नौ विद्यालयों ने कार्य से संबंधित कोई साक्ष्य अपलोड नहीं किया है। एक विद्यालय का कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। सूची में अधौरा प्रखंड के छह, भभुआ के दो, भगवानपुर के चार, चैनपुर का एक, चांद के दो, दुर्गावती के दो, कुदरा के दो और मोहनियां के दो विद्यालय शामिल हैं।
साक्ष्य प्रस्तुत करने की समयसीमा
विभाग ने संबंधित विद्यालयों को पत्र प्राप्ति के दो दिनों के भीतर अपने साक्ष्य के साथ स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। पत्र में पीबीएल कार्य में उदासीनता और असहयोग की भावना को गंभीरता से लेते हुए कहा गया है कि इससे जिले की रैंकिंग प्रभावित हो रही है। स्पष्टीकरण का निराकरण होने तक संबंधित एचएम व शिक्षकों के वेतन स्थगित रखने की कार्रवाई की बात भी पत्र में कही गई है।


