राज्य में नौ नई आर्द्रभूमि अधिसूचित होगी
बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की बैठक में नौ नई आर्द्रभूमियों का अधिसूचना का निर्णय लिया गया है। ये स्थान भोजपुर, सारण, कटिहार, बेगूसराय और मोतिहारी में होंगे। बैठक में जल निकायों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए विभिन्न फैसले लिए गए। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन किया गया है।

राज्य में नौ नई आर्द्रभूमि अधिसूचित होंगी। बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की बुधवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। ये भोजपुर, सारण, कटिहार, बेगूसराय और मोतिहारी में स्थित हैं। बैठक में ढाई हेक्टेयर क्षेत्र से छोटे जल निकाय चिह्नित करने का निर्णय लिया गया। राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने की। बैठक में राज्य के आर्द्रभूमियों के बेहतर प्रबंधन एवं संरक्षण के लिए प्राधिकरण द्वारा सर्वसम्मति से कई फैसले लिए गए। विभिन्न वन प्रमंडल की ओर से भेजे गए नौ आर्द्रभूमियों को आर्द्रभूमि संरक्षण एवं प्रबंधन नियम 2017 के तहत अधिसूचित करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी।
बक्सर में एनएच 84 से उत्तर प्रदेश के बलिया जिला एनएच-19 को जोड़ने वाले गंगा नदी पर बने जनेश्वर मिश्रा पुल के पहुंच पथ निर्माण कार्य के लिए गोकुल जलाशय आर्द्रभूमि (रामसर साइट) के हाई फ्लड लेवल लाइन के 50 मीटर की परिधि में निर्माण कार्य के लिए प्राधिकरण ने अनुमोदित कर दिया। इसे केंद्र सरकार को भेजे जाने की अनुशंसा की गई।इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत ढाई हेक्टेयर क्षेत्र से छोटे जल-निकाय को चिह्नित करने का निर्णय लिया गया। राज्य के सभी रामसर साइट से संबंधित डॉक्यूमेंट्री बनाने और आर्द्रभूमि प्राधिकरण का लोगो बनाने पर सहमति बनी। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह, प्राधिकरण सदस्य सचिव अमित कुमार मौजूद रहे।


