मैट्रिक-इंटर परीक्षा फॉर्म भरने में सख्ती, सत्यापन अनिवार्य
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने वर्ष 2027 की मैट्रिक और इंटर परीक्षा के फॉर्म भरने की प्रक्रिया में सख्ती बढ़ा दी है। छात्रों का परीक्षा फॉर्म बिना हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र और यूडीआई सत्यापन के स्वीकार नहीं होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 16 सितंबर, और परीक्षा शुल्क निर्धारित किया गया है।

युवा की लीड ------ ऑनलाइन शुल्क जमा करने में लापरवाही के कारण किसी छात्र का फॉर्म छूटने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित शिक्षण संस्थान की होगी एचएम हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बोर्ड पोर्टल पर अपलोड करना जरुरी 16 सितंबर तक अंतिम तिथि किया तय, निर्धारित किया गया शुल्क फोटो संख्या- 08, कैप्सन- बुधवार को डुमरांव के राज हाईस्कूल में परीक्षा की तैयारी करते बच्चे। डुमरांव, संवाद सूत्र।
परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने वर्ष 2027 की मैट्रिक और इंटर परीक्षा के फॉर्म भरने की प्रक्रिया में इस बार सख्ती बढ़ा दी है। बिना हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र और यूडीआई सत्यापन के छात्र का परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं होगा। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि मान्यता प्राप्त विद्यालय के प्रधान ही छात्रों का फॉर्म भरेंगे और शुल्क जमा कराएंगे। गलत नाम, फर्जी पहचान या अपात्र छात्र का फॉर्म भरने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मैट्रिक और इंटर परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 अगस्त से शुरू हो चुका है, जो 16 सितंबर 2026 तक होगा।
आवेदन के लिए आवश्यक शर्तें
इंटर परीक्षा में शामिल होने वाले नियमित व स्वतंत्र कोटि के विद्यार्थियों के लिए स्कूल के प्रधान द्वारा हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र और यूडीआई सूचीकरण प्रमाण-पत्र को बोर्ड पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। जिन छात्रों का यह प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड नहीं होगा, उन्हें इंटर वार्षिक परीक्षा 2027 का फॉर्म भरने की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे छात्रों का प्रवेश पत्र भी जारी नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि परीक्षा शुल्क 25 अगस्त से 15 सितंबर तक जमा करा दें। शुल्क जमा करने में लापरवाही के कारण किसी छात्र का फॉर्म छूटने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित शिक्षण संस्थान की होगी। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में ऑनलाइन परीक्षा आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शुल्क की जानकारी
बोर्ड ने कहा है कि मैट्रिक परीक्षा के लिए केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधान ही विद्यार्थियों का आवेदन भर सकेंगे। जिन विद्यालयों की मान्यता समाप्त या वापस ली जा चुकी है। वहां से विद्यार्थियों का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्यालयों को विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर पहले परीक्षा शुल्क जमा करने और उसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इंटर व मैट्रिक परीक्षा का शुल्क तय इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए नियमित एवं स्वतंत्र परीक्षार्थियों का अधिकतम शुल्क 1430 रुपये निर्धारित है। क्वालिफाइंग परीक्षार्थियों के लिए यह 1770 रुपये, व्यावसायिक पाठ्यक्रम के नियमित परीक्षार्थियों के लिए 1830 रुपये और स्वतंत्र परीक्षार्थियों के लिए 2170 रुपये है। व्यावसायिक पाठ्यक्रम के पूर्ववर्ती अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों का शुल्क 1490 रुपये, पूर्ववर्ती अनुत्तीर्ण कला, विज्ञान एवं वाणिज्य परीक्षार्थियों का 1090 रुपये और कम्पार्टमेंटल परीक्षार्थियों का 960 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं मैट्रिक के छात्रों के लिए आवेदन शुल्क 950 रुपए निर्धारित किया गया है। बोर्ड ने कहा है कि निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई होगी।
अधिकारी की राय
क्या कहते है अधिकारी मैट्रिक व इंटर परीक्षा 2027 को लेकर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 16 सितंबर निर्धारित है। आवेदन के सत्यापन के बाद ही छात्रों का फॉर्म भरा जाएगा। कहा कि सभी विद्यालय के प्रधानों को निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त राशि नहीं लेने का निर्देश दिया गया है। सुधांशु कुमार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डुमरांव (डुमरांव से अमरनाथ केशरी)


