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14 अगस्त, 2020|9:08|IST

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कोरोना पर बिहार और बंगाल ने बढ़ाई चिंता, रिप्रोडक्शन नंबर के आधार पर बढ़े मरीज

महाराष्ट्र-गुजरात में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों की सर्वाधिक चर्चा हो रही है। लेकिन एक कंप्यूटर मॉडल से किए गए हालिया विश्लेषण के मुताबिक, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य भी खतरनाक जोन के रूप में उभर सकते हैं।

चेन्नई स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईएमएससी) ने चेताया है कि बिहार, झारखंड और बंगाल में 29 अप्रैल तक कुल संक्रमितों की संख्या 1,200 से भी कम थी। हालांकि, 'रिप्रोडक्शन नंबर' के आधार पर कुछ दिनों में तीनों राज्यों में मरीज सबसे तेजी से बढ़े हैं। 'रिप्रोडक्शन नंबर' किसी संक्रमित के संपर्क में आने के बाद वायरस के शिकार हुए औसत मरीजों की संख्या दर्शाता है।

बिहार में सबसे ज्यादा 'रिप्रोडक्शन नंबर': आईएमएससी के सीताभ्र सिन्हा के मुताबिक लॉकडाउन से पहले देश में कोरोना का 'रिप्रोडक्शन नंबर' 1.83 था। 20 से 27 अप्रैल के बीच घटकर 1.29 हो गया। बिहार में रिप्रोडक्शन दर 2.03, झारखंड में 1.87, पश्चिम बंगाल में 1.52, महाराष्ट्र में 1.5 और गुजरात में 1.38 है।

पश्चिम बंगाल को लेकर सबसे ज्यादा चिंता: मार्च के अंत में पश्चिम बंगाल में कोरोना के मामले थमते नजर आ रहे थे, लेकिन अब राज्य महाराष्ट्र की राह पर बढ़ता नजर आ रहा है। बड़े राज्यों में संक्रमितों की संख्या दोगुनी होने की सबसे तेज दर पश्चिम बंगाल में ही है।

तीन शहरों में सबसे ज्यादा कहर बरपा रहा वायरस

मुंबई: महाराष्ट्र में कुल संक्रमण में 66%, मौतों में 61% हिस्सेदारी

अहमदाबाद: गुजरात में दर्ज 67% संक्रमित, 71% मौतें अहमदाबाद में

इंदौर: मध्य प्रदेश में 57.5% मरीज इंदौर के, 52.4% मौतें भी यहीं हुईं

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  • Web Title:Bihar and Bengal have increased concern on Coronavirus patients increased based on reproduction number