बीएयू में दो दिवसीय ‘4 मिनट रिसर्च फाइंडिंग्स प्रतियोगिता 2026’ में 55 युवा शोधार्थी दिखा रहे दम
युवा शोधार्थियों को चार मिनट में शोध की प्रस्तुति देने का मिला मंच विभिन्न कृषि

भागलपुर, वरीय संवाददाता। सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा दो दिवसीय ‘4 मिनट रिसर्च फाइंडिंग्स प्रतियोगिता 2026’ का गुरुवार को आगाज हुआ। कुलपति डॉ. डीआर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस अनोखी प्रतियोगिता का उद्देश्य स्नातकोत्तर (एमएससी) और पीएचडी के विद्यार्थियों को अपने जटिल शोध निष्कर्षों को मात्र चार मिनट में सरल, संक्षिप्त और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का मंच देना है, ताकि उनकी वैज्ञानिक संचार क्षमता विकसित हो सके। कार्यक्रम की शुरुआत में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सबौर (जिसे बीएयू ने गोद लिया है) की छात्राओं द्वारा सूखे फूलों से तैयार हस्तनिर्मित कार्ड और पुष्पगुच्छ देकर अतिथियों का स्वागत किया गया।आईक्यूएसी
के निदेशक डॉ. तीर्थार्थ चट्टोपाध्याय ने स्वागत भाषण में बताया कि इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के 5 संघटक महाविद्यालयों जिसमें सबौर स्थित बिहार कृषि महाविद्यालय, नूरसराय स्थित नालंदा उद्यान महाविद्यालय, सहरसा स्थित मंडन भारती कृषि महाविद्यालय, किशनगंज स्थित डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय और डुमरांव वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय के कुल 55 शोधार्थियों ने पंजीकरण कराया है। ये छात्र आनुवंशिकी, मृदा विज्ञान, सस्य विज्ञान, कृषि अर्थशास्त्र, कीट विज्ञान और पादप रोग विज्ञान जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने कहा कि उत्कृष्ट शोध की वास्तविक उपयोगिता तभी सिद्ध होती है, जब उसके निष्कर्षों को सरल और प्रभावी भाषा में किसानों और संबंधित हितधारकों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने युवाओं से सतत कृषि विकास के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने की अपील की। बिहार कृषि कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रूबी रानी ने छात्रों से अपनी प्रस्तुति और संवाद क्षमता को और बेहतर बनाने का आह्वान किया। अनुसंधान शिक्षा निदेशक डॉ. संजय कुमार ने विद्यार्थियों को स्पष्टता, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सत्यनिष्ठा के साथ शोध प्रस्तुत करने की प्रेरणा दी। अनुसंधान निदेशक डॉ. एके सिंह ने शोध परिणामों को किसानों और समाज के हित में व्यावहारिक अनुप्रयोगों में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया। उद्घाटन के बाद एमएससी विद्यार्थियों के लिए तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इस प्रतियोगिता का समापन और पुरस्कार वितरण शुक्रवार को किया जाएगा।


