बीएयू में 4-एमआरएफ की विजेता बनीं जयश्री, अपराजिता और प्रगति
फोटो है : 45 शोध किए गए प्रस्तुत, नौ को चुना गया प्रथम तीन

भागलपुर, वरीय संवाददाता। बिहार कृषि विवि (बीएयू) सबौर में दो दिवसीय चार मिनट अनुसंधान-निष्कर्ष (4-एमआरएफ) प्रतियोगिताक का समापन शुक्रवार को हो गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान बिहार कृषि कॉलेज (बीएसी) सबौर की जयश्री नाइक, अपराजिता शालिनी एवं प्रगति कुमारी ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया। द्वितीय स्थान बीएसी की आराध्या राज, गोपीरेड्डी उदय किरण एवं अनुराग मिश्रा ने संयुक्त रूप से हासिल किया, जबकि तृतीय स्थान कुमारी सिबी रानी (डीकेएसी), बीएसी के उत्कर्ष चतुर्वेदी एवं सुपर्णा मुखर्जी ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया। कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह ने सभी विजेताओं को बधाई दी है। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पीजी विद्यार्थियों को अपने शोध निष्कर्षों को प्रभावशाली, स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से मात्र चार मिनट में प्रस्तुत करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना था। इसमें विभिन्न कॉलेजों और विभागों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। दो दिनों में कुल 45 शोध प्रस्तुतियां दी गईं। उनमें से विशेषज्ञों द्वारा गहन एवं आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन के आधार पर नौ सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों का चयन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए किया गया।
प्रतियोगिता के उद्देश्य
निदेशक अनुसंधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कृषि अनुसंधान और उसके प्रभावी संचार के माध्यम से वैज्ञानिक उपलब्धियों को किसानों एवं समाज के लिए अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के प्रभाव का आकलन करने के उद्देश्य से सभी प्रतिभागियों एवं दर्शकों को ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। प्राप्त प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण कर कार्यक्रम के प्रभाव और भविष्य में इसके आयोजन को और अधिक उपयोगी बनाने की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। डॉ. प्रीति ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
सोशल मीडिया प्रसारण
प्रतियोगिता का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सीधा प्रसारण भी किया गया। दो दिनों के दौरान लाइव प्रसारण को 6,000 से अधिक बार देखा गया, जो विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं अन्य दर्शकों के बीच कार्यक्रम की लोकप्रियता और व्यापक पहुंच को दर्शाता है। आक्यूएसी के निदेशक डॉ. तीर्थार्थ चट्टोपाध्याय ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं शोधार्थियों में वैज्ञानिक संचार कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बीएसी की प्राचार्य डॉ. रूबी रानी ने शोध कार्यों को सरल, संक्षिप्त और प्रभावी रूप में प्रस्तुत करने की क्षमता की सराहना की।


