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6 जून, 2020|5:18|IST

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बड़ा प्रयोग: Covid-19 से निपटने को कोरोना वायरस बना रहे भारतीय वैज्ञानिक

corona virus photo imcr

एक तरफ जहां पूरी दुनिया कोविड-19 से खौफजदा है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय वैज्ञानिक कोरोना वायरस पैदा करने में जुटे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि जब तक इस वायरस को बना नहीं लिया जाता, तब तक इसका इलाज खोजना काफी मुश्किल काम है।

कोरोना वायरस को पैदा करने में हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलेक्युलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) के वैज्ञानिक जुटे हैं। सीसीएमबी अपनी प्रयोगशालाओं में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस पैदा कर रहा है, ताकि इस विषाणु के जीनोम ढांचे को समझा जा सके जो कोविड-19 की दवा और टीका तैयार करने में मददगार हो सकता है।

इस वैश्विक महामारी के बढ़ने की आशंका जताते हुए सीसीएमबी के निदेशक राकेश मिश्रा ने कहा कि घातक कोरोना वायरस के खात्मा का उपाया ढूंढ़ने में वक्त लग सकता है। इसलिए अभी एक-दूसरे से सामाजिक दूरी बनाए रखना और स्वच्छता को अपनाना ही इस वायरस से बचने का एकमात्र तरीका है।

वायरस के नमूनों की जांच शुरू: 
सीसीएमबी के निदेशक ने कहा कि कोविड-19 पर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। अपनी प्रयोगशालाओं में इस वायरस को बड़ी संख्या में पैदा करना शुरू कर दिया है ताकि कोशिकाओं में इसकी वृद्धि का अध्ययन कर सकें। सीसीएमबी ने मंगलवार से कोरोना वायरस के नमूनों की जांच शुरू कर दी। संस्थान एक दिन में सैकड़ों नमूनों की जांच करने में समर्थ है।

सालभर से पहले टीका नहीं:
निदेशक ने कहा कि किसी भी देश को कोरोना वायरस से बचाने वाला टीका बनाने में कम से कम एक साल लग जाएगा। उन्होंने कहा कि चीन लोगों की गतिविधि नियंत्रित करने के कारण इससे बाहर निकलने में काफी हद तक कामयाब रहा है। भारत के लोगों को भी इसका खास ख्याल रखने की जरूरत है। भारत को अपनी जांच क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि महामारी की सटीक स्थिति सामने आ सके।

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  • Web Title:Big experiment: Indian scientists making corona virus to combat Chinese Covid-19: