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Hindi News देश'एक देश एक चुनाव' की ओर बढ़ते कदम, जेपी नड्डा ने हाई लेवल कमेटी के सामने रखी राय; बताया क्यों जरूरी

'एक देश एक चुनाव' की ओर बढ़ते कदम, जेपी नड्डा ने हाई लेवल कमेटी के सामने रखी राय; बताया क्यों जरूरी

नड्डा ने कहा, 'हमने स्पष्ट रूप से कहा कि जो विभिन्न स्तरों पर चुनाव होता है उससे देश और प्रदेश में कहीं न कहीं आदर्श आचार संहिता लगा रहता है। ऐसे में प्रशासन और सुशासन पर बहुत बड़ा असर पड़ता है।'

'एक देश एक चुनाव' की ओर बढ़ते कदम, जेपी नड्डा ने हाई लेवल कमेटी के सामने रखी राय; बताया क्यों जरूरी
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 20 Feb 2024 07:54 PM
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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 'एक राष्ट्र एक चुनाव' के समर्थन में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के नेतृत्व वाली हाई लेवल कमेटी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर जेपी नड्डा ने कहा कि देश में एक साथ चुनाव होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आज हाई लेवल कमेटी के सामने हमने एक राष्ट्र एक चुनाव पर अपनी राय दी। हम सबने स्पष्ट रूप से कहा कि जो विभिन्न स्तरों पर चुनाव होता है उससे देश और प्रदेश में कहीं न कहीं आदर्श आचार संहिता लगा रहता है। ऐसे में प्रशासन और सुशासन पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। इसके साथ ही लोगों के हितों में काम करने की गति में रूकावट आती है।'

जेपी नड्डा ने कहा, 'अलग-अलग स्तर पर चुनाव होने से राजनीतिक दलों पर आर्थिक दबाव पड़ता है। यह स्थिति भ्रष्टाचार का कारण बनती है। इस पर विचार करने की जरूरत है। हमारी सिक्योरिटी फोर्स की तैनाती बॉर्डर पर होती है मगर चुनाव के चलते बार-बार उन्हें राज्यों में भेजना पड़ता है। चुनाव के लिए बड़ी संख्या में टीचर्स लगाए जाते हैं जिससे शिक्षा पर असर पड़ता है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी इलेक्शन ड्यूटी में लगाया जाता है।' उन्होंने कहा कि सभी चीजों को ध्यान में रखकर हमने सिफारिस की है कि एक ही पहचान पत्र हो जो विधानसभा, लोकसभा, पंचायत चुनाव के लिए मान्य हो। एक साथ चुनाव भी होना चाहिए। हमें पूरा विश्वास है कि हाई लेवल कमेटी हमारी सिफारिस को सुनेगी।

अलग-अलग दलों और नेताओं से ली जा रही राय 
'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के विचार पर मंथन करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में पिछले साल सितंबर में उच्च स्तरीय समिति बनाई गई थी। इस कमेटी ने 10 फरवरी को अबतक इस दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की थी। समिति ने राजनीतिक पार्टियों, पूर्व न्यायाधीशों और राज्य चुनाव आयोगों के साथ चल रहे मंथन का भी आकलन किया। बयान के मुताबिक, समिति ने अलग से द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रतिनिधिमंडल से संवाद किया जिसका नेतृत्व पी. विल्सन कर रहे थे। इस दौरान पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी के रुख से समिति को अवगत कराया। इस समिति को लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने की संभावना का आकलन करने व सिफारिशें देने की जिम्मेदारी दी गई है।

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