बीएचयू कुलपति कार्यालय के बाहर छात्रों का प्रदर्शन
वाराणसी में बीएचयू के छात्रों ने नए चिकित्सा अधीक्षक और ट्रॉमा सेंटर प्रभारी की तत्काल तैनाती की मांग करते हुए कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि नियुक्तियों में अनावश्यक देरी की जा रही है। उन्होंने दो दिन का अल्टीमेटम दिया, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी।

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में नए चिकित्सा अधीक्षक और ट्रॉमा सेंटर के नए प्रभारी को तत्काल चार्ज दिलाने की मांग के साथ छात्रों ने गुरुवार को कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि अनावश्यक देरी कर नई नियुक्तियों को पिछली बार की तरह अटकाने का प्रयास किया जा रहा है। कुलसचिव को पांच सूत्री मांगपत्र सौंपने के साथ ही छात्रों ने दो दिन का अल्टीमेटम भी दिया। कहा कि इस समयसीमा में नई तैनाती नहीं हुई तो छात्र आंदोलन को बाध्य होंगे। छात्रनेता शिवांश सिंह और हर्ष त्रिपाठी के नेतृत्व छात्र-छात्राएं केंद्रीय कार्यालय के प्रथम तल पर पहुंच गए और कुलपति से मिलने की मांग की।
हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। छात्र काफी देर तक वहीं जमे रहे और नारेबाजी भी की। छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि नई नियुक्तियां होने के बावजूद अब तक संबंधित अधिकारियों को कार्यभार नहीं सौंपा गया है। इससे अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शिवांश सिंह ने कहा कि सर सुंदरलाल अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह पर नियुक्ति के बाद भी अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण न कराना अत्यंत गंभीर विषय है। विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल कार्यभार हस्तांतरण सुनिश्चित करना चाहिए ताकि प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित हो सकें। हर्ष त्रिपाठी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना चाहिए। नई नियुक्तियों के बाद भी पुराने प्रभारियों द्वारा कार्य जारी रहने की स्थिति छात्रों के मन में कई सवाल उठते हैं।छात्रों ने यह भी कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही पुराने एमएस और प्रभारी के सभी वित्तीय अधिकार सीज करने और उनसे लैपटॉप, लॉगइन, डिजिटल जानकारी आदि ले लेनी चाहिए थी, मगर ऐसा नहीं किया गया। काफी देर चले हंगामे के बाद कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने छात्रों को मिलने के लिए बुलाया। छात्रों ने उन्हें मांगपत्र सौंपा। साथ ही नए नियुक्त अधिकारियों की तैनाती के लिए दो दिन का समय दिया। कहा कि इसके बाद छात्र आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रतिनिधिमंडल में वरुण, उत्कर्ष, कृष्णकांत, अभिषेक सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
लेखक के बारे में
Vachaspati Upadhyaya
शॉर्ट बायो :
वाचस्पति उपाध्याय
करीब 15 वर्षों से पत्रकारिता के पेशे से जुड़ा हूं।
वर्तमान में हिन्दुस्तान वाराणसी यूनिट में कार्यरत हूं।
परिचय एवं अनुभव
वाचस्पति उपाध्याय हिन्दुस्तान समाचार पत्र के वाराणसी यूनिट में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। करीब 15 वर्षों के अनुभव के साथ वर्तमान में नगर निगम, विकास प्राधिकरण और बिजनेस तथा आरएसएस बीट पर कार्य करते हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
वाचस्पति उपाध्याय ने अपने करियर की शुरुआत करियर्स 360 मैगजीन नई दिल्ली से किया। वर्ष 2010 में इस मैगजजीन में शिक्षा और करियर से जुड़े मुद्दों पर लेखन किया। इसके बाद वर्ष दिसंबर 2011 में प्रतिष्ठित समाचार पत्र हिन्दुस्तान के हिन्दुस्तान जॉब्स में कार्य शुरू किया। फिर करीब छह माह बाद गुरुग्राम में जुलाई 2015 तक रिपोर्टिंग किया। अगस्त 2015 से वाराणसी यूनिट में कार्यरत हूं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीएचयू से अर्थशास्त्र में स्नातक, इतिहास में स्नातकोत्तर करने के बाद मुंबई स्थित जर्नलिज्म मेंटर संस्था से मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा किया। वर्तमान में नगर निगम, वाराणसी विकास प्राधिकरण, आरएसएस, बिजनेस बीट पर कार्य कर रहा हूं।
विजन
वाचस्पति उपाध्याय का मानना है कि पुष्ट होने वाले और प्रमाणित तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता इसकी आधारशिला है।
विशेषज्ञता
जनता के मुद्दों पर आधारित रिपोर्टिंग करना और जन समस्याओं का समाधान करते हुए
अपने पाठकों और आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए खबरें लिखना।
अपने बीट से इतर बड़े आयोजनों को प्रतिद्वंदी अखबारों की तुलना में बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना।
इंटरनेशनल टेंपल कांक्लेव, अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह,
पिछले वर्ष मुंबई में इंडिया मैरिटाइम वीक 2025 समेत
बनारस की प्राचीन धार्मिक संस्थाओं के विशेष आयोजनों को बेहतर तरीके से लिखना।


