अब ‘अतिथि’ करेगा बीएचयू के गेस्ट हाउसों की बुकिंग
वाराणसी में बीएचयू परिसर में 'अतिथि गृह प्रबंधन प्रणाली' का शुभारंभ किया गया। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने डिजिटल प्रणाली को शुरू किया, जिससे शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को गेस्ट हाउस में ऑनलाइन बुकिंग करने की सुविधा मिलेगी। इस प्रणाली से बुकिंग प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और प्रभावी होगी।

वाराणसी। बीएचयू परिसर स्थित चार अतिथि गृहों में बुकिंग और प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए बुधवार को ‘अतिथि गृह प्रबंधन प्रणाली’ का शुभारंभ किया गया। एलडी गेस्ट हाउस में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने इस डिजिटल प्रणाली का शुभारंभ किया। ‘अतिथि’ के जरिए बीएचयू परिवार के सदस्य गेस्ट हाउस की बुकिंग के लिए डिजिटल अनुरोध भेज सकेंगे। अब तक यह प्रक्रिया फॉर्म भरने या ईमेल भेजने तक सीमित थी। बीएचयू के सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार प्रो. टीवी प्रभाकर की अगुवाई में विकसित ‘अतिथि’ विश्वविद्यालय के चार अतिथि गृहों (एलडी न्यू और ओल्ड, यूनिवर्सिटी गेस्ट हाउस, फैकल्टी गेस्ट हाउस और भटनागर गेस्ट हाउस) में कमरों की बुकिंग और प्रबंधन के लिए एकीकृत मंच उपलब्ध कराएगा।
शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी ‘नमस्ते बीएचयू ऐप’ और वेबसाइट से अतिथि गृह में बुकिंग अनुरोध भेज सकेंगे। यह प्रणाली अतिथि गृह प्रबंधन को कमरों की वास्तविक समय में उपलब्धता देखने, बुकिंग की पुष्टि करने, श्रेणी के अनुसार कमरों का आवंटन करने और अतिथियों के आगमन एवं प्रस्थान के साथ बुकिंग और रिक्तता की स्थिति पर निगरानी रखेगी। किसी अतिथि गृह के पूरी तरह भर जाने की स्थिति में बुकिंग अनुरोध दूसरे अतिथि गृह को भेज दिया जाएगा, जिससे अनुरोधों को अस्वीकार करने की बजाय अन्य अतिथि गृह में कमरे उपलब्ध कराए जा सकें। प्रणाली में अतिथि गृहों में ठहरने से संबंधित स्थायी रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा, जिससे अतिथि गृहों के उपयोग से संबंधित सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने इस पहल की सराहना करते हुए इससे जुड़ी टीम के सदस्यों के प्रयासों की प्रशंसा की। लक्ष्मण दास अतिथि गृह के मुख्य संरक्षक प्रो. राकेश सिंह ने स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल इससे जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की आवश्यकताओं के अनुरूप इस प्रणाली को आगे और विकसित किया जाएगा। प्रो. टीवी प्रभाकर के साथ अंशुमान कुमार शर्मा, देव अंगिरस, शालिनी यादव और विकास सिंह ने इसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। प्रो. जीपी सिंह ने धन्यवाद दिया। इस दौरान प्रो. राजीव प्रताप सिंह, प्रो. केशव मिश्रा, प्रो. रजनीश बहुगुणा सहित अन्य शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।


