बीएफए प्रवेश में गड़बड़ी का आरोप, प्रवेशार्थियों का प्रदर्शन
वाराणसी के बीएचयू में बीएफए की प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थियों ने अनियमितताओं का आरोप लगाया है। शनिवार को छात्रों ने केंद्रीय कार्यालय का घेराव किया। उनका कहना है कि अयोग्य छात्रों को प्रैक्टिकल में अधिक अंक दिए जा रहे हैं, जिससे मेरिट पर असर पड़ रहा है। छात्रों ने जांच की मांग करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है।

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू में बीएफए की प्रवेश प्रक्रिया में प्रवेशार्थियों ने भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। शनिवार को दर्जनों अभ्यर्थियों के केंद्रीय कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का आरोप था कि लिखित परीक्षा में कम अंक पाने वाले अयोग्य लोगों को भी प्रैक्टिकल में ज्यादा अंक देकर लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। अभ्यर्थियों ने बीएचयू प्रशासन को अनियमितताओं को ठीक करने के लिए सोमवार तक का समय दिया है। केंद्रीय कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने बैठे बैचलर ऑफ फाइन आर्ट के प्रवेशार्थियों ने हाथों में पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
कहा कि प्रवेश प्रक्रिया में प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान कुछ अयोग्य अभ्यर्थियों को कथित तौर पर अधिक अंक दिए गए। प्रैक्टिकल में मिले अंकों का असर अभ्यर्थियों की मेरिट और अंतिम चयन पर पड़ा। इसी वजह से प्रवेश प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि प्रैक्टिकल परीक्षा में दिए गए अंकों और पूरी प्रवेश प्रक्रिया की जांच कराई जाए। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन मानकों के आधार पर अभ्यर्थियों को अंक दिए गए और अंतिम मेरिट किस प्रक्रिया के तहत तैयार की गई। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच कमेटी गठित की गई है। हालांकि छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि सिर्फ जांच कमेटी का गठन पर्याप्त नहीं है। यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी होनी चाहिए। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया। कहा कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह अनिश्चितकालीन धरना देंगे।


