पंचायतों के फंड को लेकर भीम आर्मी ने आंदोलन की दी चेतावनी
झारखंड में पंचायतों के विकास हेतु फंड और पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने सवाल उठाए हैं। संगठन ने कहा है कि पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार और संसाधन नहीं मिलने से विकास प्रभावित हो रहा है। विकास कार्यों में सांसदों और विधायकों की भूमिका को भी स्पष्ट करने की मांग की गई है।

लातेहार, संवाददाता। झारखंड में पंचायतों के विकास कार्यों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार से मिलने वाले फंड और पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने सवाल खड़े किए हैं।
पंचायतों के अधिकार
संगठन के जिलाध्यक्ष जगजीवन राम ने कहा कि सरकारी फंड का मुख्य उद्देश्य आम जनता के हित में विकास कार्य कराना है, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार और संसाधन नहीं मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों का समुचित विकास प्रभावित हो रहा है।
विकास कार्यों का महत्व
उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किए बिना गांवों का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पंचायत स्तर तक पहुंचना है, तो पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड और आवश्यक अधिकार दिए जाने चाहिए।
सरकारी स्पष्टता की आवश्यकता
जगजीवन राम ने कहा कि सांसद और विधायक भी पंचायत क्षेत्रों में विकास कार्यों से जुड़े रहते हैं। ऐसे में पंचायत स्तर पर विकास निधि और कार्यों को लेकर स्पष्ट एवं समान व्यवस्था होनी चाहिए। सांसदों और विधायकों को भी पंचायतों के अधिकार एवं फंड के मुद्दे पर जनता के सामने अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने कहा कि झारखंड में दोहरी नीति और जनता के हितों के साथ समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार पंचायतों के फंड एवं अधिकारों को लेकर स्थिति स्पष्ट करे और पारदर्शी व्यवस्था लागू करे। मांगों पर ठोस पहल नहीं होने पर भीम आर्मी आंदोलन करने को बाध्य होगी。


