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भय्यू महाराज खुदकुशीः ट्रस्ट सचिव ने कहा- संपत्ति को लेकर कुछ भी सोचने की स्थिति में नहीं

भय्यू जी महाराज(एएनआई)

भय्यू महाराज की खुदकुशी के दो दिन बाद उनके स्थापित ट्रस्ट के एक पदाधिकारी ने गुरुवार को कहा कि आध्यात्मिक गुरु के वित्तीय उत्तराधिकार के मसले में फिलहाल कोई फैसला नहीं किया गया है। यह मसला भय्यू महाराज के कथित सुसाइड नोट से खड़ा हुआ है, जिसमें उनके वित्तीय अधिकार, सम्पत्ति, बैंक खाते और संबंधित मामलों में दस्तखत का हक उनके खास सेवादार विनायक दुधाड़े को सौंपे जाने का जिक्र है। दुधाड़े करीब 15 साल पहले उनसे जुड़ा था और साये की तरह उनके साथ रहता था।

फिलहाल हम भारी सदमे में

यह पूछे जाने पर कि क्या भय्यू महाराज का स्थापित श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट इस सुसाइड नोट के मुताबिक संस्था के सारे वित्तीय अधिकार उनके सेवादार को सौंप देगा, ट्रस्ट के सचिव तुषार पाटिल ने कहा, अभी हम इस विषय में कुछ भी सोचने की स्थिति में नहीं हैं।

हमारे गुरु हमें हमेशा के लिए छोड़कर चले गए हैं जिससे हम भारी सदमे में हैं। उन्होंने संकेत दिए कि कुछ दिन बाद ट्रस्ट की बैठक आयोजित कर तय किया जा सकता है कि भय्यू महाराज के वित्तीय उत्तराधिकार मसले में क्या कदम उठाया जाए। पाटिल ने कहा, हम कुछ दिन बाद मिल-बैठकर तय करेंगे कि भय्यू महाराज की शुरू की गई अलग-अलग परियोजनाओं को किस तरह पूरा करना है।

फिलहाल बैठक की तारीख तय नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि भय्यू महाराज के इंदौर में 21 मार्च 1999 को स्थापित ट्रस्ट में 11 ट्रस्टी हैं। यह संस्था मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में कृषि, जल संरक्षण और सामाजिक क्षेत्र में अलग-अलग गतिविधियां चलाती है।

सूत्रों के मुताबिक कथित सुसाइड नोट में भय्यू महाराज द्वारा अपनी संपत्ति का जिम्मा अपने परिवार के सदस्यों की बजाय सेवादार को सौंपे जाने के जिक्र से उनके ट्रस्ट के लोग भी भारी आश्चर्य में हैं। हालांकि, फिलहाल इस विषय में कोई खुलकर बात नहीं कर रहा है। 

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  • Web Title:bhayyu ji maharaj suicide case Trust secretary said not in situation of thinking about property