राजस्व समस्याओं के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करेगा किसान संघ
भारतीय किसान संघ ने राजस्व कार्यालयों में रैयतों की परेशानियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है। पहले चरण में 17 से 30 सितंबर तक ग्राम समितियों द्वारा ज्ञापन दिए जाएंगे। दूसरे चरण में एक से 31 अक्टूबर तक धरना-प्रदर्शन होगा। तीसरे चरण में 1 से 15 नवंबर तक सांसदों से संवाद किया जाएगा।

महाराजगंज, एक प्रतिनिधि। राजस्व कार्यालयों में रैयतों की कथित परेशानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय किसान संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है। रविवार को सरस्वती विद्या मंदिर में प्रखंड कार्यसमिति की बैठक अमरेश गौतम की अध्यक्षता में हुई। इसमें दाखिल-खारिज, जमाबंदी सुधार, भूमि अभिलेखों में त्रुटि समेत अन्य समस्याओं पर चर्चा की गई।
आंदोलन की आवश्यकता
वक्ताओं ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की बात करती है, लेकिन राजस्व विभाग में इसका अपेक्षित असर नहीं दिख रहा है। रैयतों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उन्होंने राजस्व कार्यों के पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन की मांग की।
आंदोलन के चरण
संघ के नेताओं ने बताया कि आंदोलन का पहला चरण 17 से 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान ग्राम समितियां किसानों की समस्याएं एकत्र कर मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के नाम ज्ञापन देंगी। दूसरे चरण में एक से 31 अक्टूबर तक अंचल कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। तीसरे चरण में एक से 15 नवंबर तक लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों से संवाद कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 16 से 30 नवंबर तक जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी। बैठक में प्रदेश प्रचार प्रमुख मनोज कुमार सिंह, शशिभूषण सिंह, दिलीप भारती, बबन तिवारी, अमरेश गौतम, सुरेश यादव, बांका यादव, रत्नेश चंद्र सिंह, सीमा देवी, श्रीनिवास सिंह, स्वामीनाथ यादव सहित अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।


