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22 अक्तूबर, 2020|10:51|IST

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Bharat Bandh: किसानों के भारत बंद को किन-किन का समर्थन, पंजाब से बिहार तक कहां क्या होगा, हल्लाबोल की सभी खास बातें

members of various farmer organizations block a railway track during a protest  pti

संसद से पास हुए कृषि से जुड़े तीन विधेयकों के खिलाफ आज किसानों भारत बंद है। पंजाब और हरियाणा में तीन दिनों के 'रेल रोको' आंदोलन की शुरुआत के अगले दिन देशभर के किसान संगठनों ने बिलों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर आज यानी शुक्रवार को भारत बंद का ऐलान किया है। आज के भारत बंद को 31 किसान संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। यूपी-बिहार से लेकर पंजाब-हरियाणा तक में आज सड़क पर किसान उतरेंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे। कृषि बिलों के खिलाफ कहीं रेल रोको आंदोलन दिखेगा तो कहीं चक्का जाम। 

किन संगठनों का है साथ
अखिल भारतीय किसान संघ (AIFU), भारतीय किसान यूनियन (BKU), अखिल भारतीय किसान महासंघ (AIKM) और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (AIKSCC) ने देशव्यापी बंद का ऐलान किया। इसके अलावा, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के किसानों के निकायों ने भी बंद का आह्वान किया है। इसके अलावा, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, नेशनल ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस, सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन, हिंद मजदूर सभा, ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर और ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर सहित दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी भारत बंद को अपना समर्थन दिया है।

कौन-कौन सी पार्टियां कर रहीं समर्थन
किसानों के भारत बंद को कांग्रेस का समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, अकाली दल, आम आदमी पार्टी, लेफ्ट पार्टियां, एनसीपी, डीएमके, राजद, बसपा, सपा टीएमसी समेत कई पार्टियों ने बंद का समर्थन किया है। इतना ही नहीं, करीब 18 विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति कोविंद से संसद से पास कराए गए इन विधेयकों पर हस्ताक्षर न करने की गुहार लगाई है। 

किसानों के साथ पंजाब सरकार
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रदर्शन के दौरान किसानों से कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और कोरोना वायरस से जुड़े सभी नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विधेयकों के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह किसानों के साथ है और धारा 144 के उल्लंघन के लिए प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हड़ताल के दौरान कानून-व्यवस्था की दिक्कतें पैदा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने किसानों से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि नागरिकों को किसी तरह की दिक्कतें नहीं हो और आंदोलन के दौरान जान-माल को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होना चाहिए।

ट्रेन सेवाओं पर पड़ेगा असर
कृषि बिलों के खिलाफ किसान संगठनों के तीन दिवसीय 'रेल रोको' आंदोलन के मद्देनजर रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन से चलने वाली चौदह विशेष यात्री ट्रेनें 24 से 26 सितंबर तक रद्द कर दी गई हैं। जिन ट्रेनों को निलंबित किया गया, उनमें स्वर्ण मंदिर मेल (अमृतसर-मुंबई सेंट्रल), जन शताब्दी एक्सप्रेस (हरिद्वार-अमृतसर), नई दिल्ली-जम्मू तवी, सचखंड एक्सप्रेस (नांदेड़-अमृतसर), और शहीद एक्सप्रेस (अमृतसर-जयनगर) शामिल हैं।

दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर हो सकता है सील

इसके अलावा, किसान संगठनों ने 1 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन रेल अवरोध करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर को सील किया जाएगा। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजधानी में मार्च कर सकते हैं, यही वजह है कि दिल्ली पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है और सीमा को सील किया जा सकता है। 

भारत बंद से क्या होगा असर
कृषि बिलों के खिलाफ में पंजाब-हरियाणा में किसानों की ओर से अभी भी कई जगह रेल रोको और रास्ता रोको का अभियान चलाया जा रहा है। भारत बंद के दौरान अन्य राज्यों में भी यही स्थिति देखने को मिल सकती है। जहां किसानों की मौजूदगी अधिक है, वहां रेल और रोड सेवा प्रभावित हो सकती हैं। इधर, पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तीन घंटे का चक्का जाम (सड़क नाकाबंदी) करेगा।

इन राज्यों में भी होगा प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और यूपी के किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि चक्का जाम में पंजाब, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत पूरे देश के किसान संगठन एकजुट होंगे। वहीं, दूसरी ओर पंजाब में कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों का तीन दिवसीय रेल रोको आंदोलन भी जारी है। गुरुवार यानी 24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक यह रेल रोको आंदोलन चलेगा। 

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  • Web Title:Bharat Bandh 2020 Nationwide farmers strike today rail road transport to be affected All you need to know