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किसान संगठनों के 'भारत बंद' को कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दलों का समर्थन, दिल्ली-यूपी में बढ़ाई गई सुरक्षा

एजेंसियां,नई दिल्लीPublished By: Sudhir Jha
Sun, 26 Sep 2021 09:44 PM
किसान संगठनों के 'भारत बंद' को कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दलों का समर्थन, दिल्ली-यूपी में बढ़ाई गई सुरक्षा

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों की ओर से सोमवार (27 सितंबर) को भारत बंद का आयोजन किया जाएगा। सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक बंद का आह्वान किया गया है। किसानों के आंदोलन की अगुवाई कर रहे 40 से अधिक कृषि यूनियन के निकाय संयुक्त किसान मोर्चा ने लोगों से बंद में शामिल होने की अपील की है। पश्चिमी, यूपी, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में इसका अधिक असर दिख सकता है। कई राजनीतिक दलों ने भी बंद का समर्थन किया है तो कई राज्यों में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

देश के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान, पिछले साल नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।  गतिरोध तोड़ने और किसानों के विरोध प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए सरकार और किसान यूनियन ने अब तक 11 दौर की बातचीत की है, आखिरी बातचीत 22 जनवरी को हुई थी। 26 जनवरी को किसान प्रदर्शनकारियों की एक ट्रैक्टर रैली के दौरान व्यापक हिंसा के बाद बातचीत फिर से शुरू नहीं हुई है। किसान समूहों ने आरोप लगाया है कि ये कानून 'मंडी' और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खरीद प्रणाली को समाप्त कर देंगे और किसानों को बड़े कॉरपोरेट की दया पर छोड़ देंगे। वहीं सरकार ने इन आशंकाओं को गलत बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि इन कदमों से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।  

कांग्रेस ने दिया समर्थन
कांग्रेस ने रविवार को अपने सभी कार्यकर्ताओं, प्रदेश इकाई प्रमुखों और पार्टी से जुड़े संगठनों के प्रमुखों को 'भारत बंद' में भाग लेने के लिए कहा। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता सोमवार को किसान यूनियन द्वारा आहूत किए गए शांतिपूर्ण 'भारत बंद' को अपना पूरा समर्थन देंगे। उन्होंने ट्वीट किया, ''हम अपने किसानों के अधिकार में विश्वास करते हैं और काले कृषि कानूनों के खिलाफ उनकी लड़ाई में हम उनके साथ खड़े रहेंगे।'' वेणुगोपाल ने कहा, ''सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों, संगठन प्रमुखों से अनुरोध है कि वे देशभर में शांतिपूर्ण भारत बंद में हमारे अन्नदाता के साथ आएं।'' 

भारत बंद को लेकर यूपी में अलर्ट 
संयुक्त किसान मोर्चा के सोमवार को बुलाए गए भारत बंद को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है। बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम कर लिए हैं। किसान संगठन सुबह 6 से शाम चार बजे तक सड़कों को बंद रखेंगे। इस दौरान स्कूली वाहनों व एम्बुलैंस को आने जाने में छूट रहेगी। किसान संगठन ने कहा है कि उनका बंद पूरी तरह शांतिपूर्वक होगा। भाकियू और किसान यूनियन के पदाधिकारी बंद को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जनसंपर्क करने में जुटे हैं। वहीं जिला प्रशासन भी बंद को लेकर पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है। भारतीय किसान यूनियन व किसान यूनियन ने सभी श्रमिकों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों, व्यापारियों से बंद में समर्थन देने की भी अपील की है। भाकियू ने भी अपने-अपने पदाधिकारियों की बंद को सफल बनाने के लिए जिम्मेदारियां सौंप दी है। 

दिल्ली पुलिस ने गश्त बढ़ाई, अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती 
दिल्ली पुलिस ने 'भारत बंद' से पहले राष्ट्रीय राजधानी के सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढा दी है और अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, गश्त बढ़ा दी गई है, चौकियों पर, विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है और राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने वाले हर वाहन की पूरी जांच की जा रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बंद के मद्देनजर सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि शहर की सीमाओं पर तीन विरोध प्रदर्शन स्थलों से किसी भी प्रदर्शनकारी को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
     
पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) दीपक यादव ने कहा, ''भारत बंद के मद्देनजर एहतियात के तौर पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। सीमावर्ती इलाकों में जांच चौकियों को मजबूत किया गया है और इंडिया गेट एवं विजय चौक सहित सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में पर्याप्त तैनाती की जाएगी।'' एक अधिकारी ने कहा कि शहर में कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित किये जाने के बारे में अभी तक कोई सूचना नहीं है, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा, ''सुरक्षा एहतियाती होगी और हम पूरी तरह से सतर्क हैं। दिल्ली में  ''भारत बंद'' का कोई आह्वान नहीं है, लेकिन हम घटनाक्रम पर नजर रख हुए हैं और पर्याप्त संख्या में कर्मी तैनात रहेंगे।''

दिल्ली में घुसने की नहीं होगी इजाजत     
बाहरी जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि किसी भी प्रदर्शनकारी को अनुमति नहीं दी जाएगी और दिल्ली के टिकरी बार्डर पर किसानों के धरने के बाद से जिले में पहले से ही अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, ''हालांकि सीमावर्ती इलाकों के गांवों से दिल्ली को जोड़ने वाली सभी सड़कों की कड़ी जांच की जाएगी। सभी वाहनों की पिकेट पर पूरी तरह से जांच की जाएगी।'' एसकेएम ने सभी राजनीतिक दलों से लोकतंत्र और संघवाद के सिद्धांतों की रक्षा के लिए किसानों के साथ खड़े होने का आग्रह किया था।

''भारत बंद'' को बसपा का समर्थन: मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के 'भारत बंद' का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से इन कानूनों को वापस लेने की मांग की है। बसपा प्रमुख ने रविवार को ट्वीट किया, ''केन्द्र द्वारा जल्दबाजी में बनाए गए तीन कृषि कानूनों से असहमत और दुखी देश के किसान इनकी वापसी की मांग को लेकर लगभग 10 महीने से पूरे देश व खासकर दिल्ली के आसपास के राज्यों में आन्दोल कर रहे हैं और उन्होंने सोमवार को 'भारत बंद' का आह्वान किया है जिसके शांतिपूर्ण आयोजन को बसपा का समर्थन।''

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