Hindi NewsIndia NewsBeware of rumors: Fake pictures viral on social media in west Bengal bashirhat violence; Know the complete truth
अफवाहों से सावधान: बंगाल हिंसा में सोशल मीडिया पर वायरल हुईं फर्जी तस्वीरें, जानें पूरी सच्चाई

अफवाहों से सावधान: बंगाल हिंसा में सोशल मीडिया पर वायरल हुईं फर्जी तस्वीरें, जानें पूरी सच्चाई

संक्षेप:

पश्चिम बंगाल के बसीरहाट और बदुरिया में हुए सांप्रदायिक दंगे को भड़काने में सोशल मीडिया का योगदान कम नहीं रहा है। फेसबुक-व्हाट्सअप पर भड़काऊ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करके उन्हें वायरल कराया जा रहा है।...

Mon, 10 July 2017 06:02 PMलाइव हिन्दुस्तान टीम नई दिल्ली
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पश्चिम बंगाल के बसीरहाट और बदुरिया में हुए सांप्रदायिक दंगे को भड़काने में सोशल मीडिया का योगदान कम नहीं रहा है। फेसबुक-व्हाट्सअप पर भड़काऊ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करके उन्हें वायरल कराया जा रहा है। शनिवार को ही सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का प्रयास करने के लिए एक व्यक्ति को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर से गिरफ्तार किया गया। उस व्यक्ति ने एक तस्वीर करके दावा किया दंगों में हिन्दू महिलाओं के साथ अत्याचार किया जा रहा है। सच्चाई यह है कि तस्वीर फर्जी है और यह तस्वीर 2014 में आई एक भोजपुरी फिल्म का सीन था।

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fake photo

(बंगाल में इस तस्वीर को शेयर कर कहा जा रहा है कि दंगों में हिन्दू महिलाओं के साथ अत्याचार किया जा रहा है जबकि यह तस्वीर 2014 में आई एक भोजपुरी फिल्म का सीन है।)

ये सिर्फ एक उदाहरण है जबकि ऐसी कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं जिनका बसीरहाट-बदुरिया हिंसा से कोई नाता नहीं है। शनिवार को ट्विटर पर #Savebengal और #SaveHindus ट्रेंड कर रहा था। इस हैशटैग की कई फर्जी तस्वीरें पोस्ट की गई जो किसी अन्य हिंसा या शहर से संबंधित थी। ऐसा ही एक उदाहरण livehindustan.com आपको बता रहा है। हमारी कोशिश है कि आपको सच्चाई बताई जाए और फर्जी-वायरल सूचनाओं से अवगत कराया जाए।

bengal

यह तस्वीर ट्विटर पर एक #Savebengal हैशटैग पर दिल्ली एक नेत्री ने तस्वीर साझा की है। जिसमें पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए 15 साल पहले हुई किसी अन्य दंगों की तस्वीर शेयर कर दी। livehindustan.com ने इस तस्वीर की सच्चाई जांची तो पता चला कि यह तस्वीर आज से 15 साल पहले न्यूज एजेंसी एसोसिएट प्रेस (AP) के फोटोग्राफर ने खींची थी।

AP

(यह तस्वीर 15 साल पहले किसी अन्य दंगे की है)

इस फोटो का इस्तेमाल कई वेबसाइट दंगों की खबरों में सांकेतिक तस्वीर के तौर पर पहले ही कर चुके हैं। आपको बता दें कि फेसबुक पर विवादित पोस्ट किए जाने के बाद बदुरिया और आसपास में सांप्रदायिक झड़पें शुरू हुई थीं। 

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