पॉर्न ऐप के नाम पर साइबर ठगी का नया खतरा
सोशल मीडिया पर विज्ञापनों के जरिए प्रसारित किए जा रहे खतरनाक पॉर्नोग्राफी ऐप आपके फोन पर नियंत्रण कर सकते हैं और वित्तीय लेन-देन कर सकते हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (एनसीटीएयू) ने इस धोखाधड़ी में बढ़ोतरी की चेतावनी दी है। उपयोगकर्ता गूगल प्ले स्टोर के बाहर से ऐप इंस्टॉल करने से बचें।

- संदिग्ध विज्ञापन, लिंक या अनजान फाइल पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी नई दिल्ली, एजेंसी। सोशल मीडिया पर विज्ञापनों के जरिए प्रसारित किए जा रहे खतरनाक पॉर्नोग्राफी ऐप फोन पर नियंत्रण करके आपके खाते से वित्तीय लेन-देन कर सकते हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (एनसीटीएयू) ने ऐसी धोखाधड़ी में हुई बढोतरी को लेकर चेतावनी दी है।
कैसे होती है धोखाथड़ी?
साइबर अपराध रोधी एजेंसी एकीकृत साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के अधीन काम करने वाली एनसीटीएयू के मुताबिक 'नाइट प्ले','रीलूप', 'किस','वीमो','रिवो','नेक्सो' और 'विक्सा' जैसे नामों से पॉर्नोग्राफी ऐप को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों या लिंक के जरिए प्रसारित किया जाता है। ये लिंक यूजर को ऐसी वेबसाइट तक पहुंचाते हैं जहां अश्लील सामग्री परोसी जाती है। इसके बाद कुछ अनधिकृत ऐप इंस्टॉल करवाके धोखाधड़ी शुरू होती है।
कैसे बच सकते हैं?
- ऐसे विज्ञापन संदिग्ध जालसाजी करने वाली वेबसाइटों पर ले जाते हैं, जहां अश्लील सामग्री होती है।
- इन वेबसाइटों के डोमेन मुख्य रूप से 'डॉट लाइव' पर खत्म होते हैं।
- इसके बाद यूजर को गूगल प्ले स्टोर के बाहर के स्रोत से एपीके (एंड्रॉयड पैकेज किट) डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए मनाया जाता है।
- ऐप इंस्टॉल होने के बाद ऐसी अनुमतियां मांगी जाती हैं जो उसे अतिरिक्त एप्लिकेशन इंस्टॉल करने और पहुंच का गलत इस्तेमाल करके फोन पर कब्जा करने की सुविधा देती हैं।
- एंड्रॉयड यूजर्स केवल गूगल प्ले या दूसरे भरोसेमंद ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन इंस्टॉल करें।
- विज्ञापनों, वेबसाइटों या संदिग्ध लिंक से एपीके फाइलें डाउनलोड करने से बचें।
- अनजान ऐप्स को अनुमति न दें और इंस्टॉल किए गए ऐप की जांच करते रहें।
- जिन ऐप को नहीं पहचानते, उन्हें हटा दें।


