डोली में शिव-पार्वती की प्रतिमा बिठाकर जा रहे कांवरिया
श्रावणी मेला में कांवरियां पवित्र गंगा में स्नान कर गंगाजल लेकर बाबाधाम की ओर जा रहे हैं। विशेषकर बंगाल के कांवरियों का जलवा देखने को मिल रहा है। युवा कांवरियों ने आकर्षक और भारी कांवर के साथ हावड़ा से सुल्तानगंज की यात्रा की है, जिसमें शिव-पार्वती की डोली शामिल है।

सुल्तानगंज, निज संवाददाता। श्रावणी मेला में देश-विदेश से कांवरिया आते हैं और पवित्र गंगा में गोता लगाकर गंगाजल लेकर सुल्तानगंज से बाबाधाम की ओर प्रस्थान करते हैं। इस मेले में बंगाल के कांवरियों का विशेष जलवा देखने को मिल रहा है। मेला प्रारंभ होने से पहले ही बांग्ला सावन शुरू होने के साथ नियमित रूप से बंगाल के उत्साही युवा कांवरिया आकर्षक और भारी-भरकम कांवर लेकर जा रहे हैं, जो कांवरिया मार्ग में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बुधवार को डोली पर शिव-पार्वती की आकर्षक प्रतिमा बिठाकर हावड़ा के संध्या बाजार से हावड़ा बम सुल्तानगंज पहुंचे। इस टीम में 35 युवा शामिल हैं।
टीम का नेतृत्व कर रहे जितेन्द्र यादव बम तथा सुमित, मोहन, नीरज आदि ने बताया कि वे डोली कांवर पर शिव-पार्वती को बिठाकर तथा 24 फुट लंबे और लगभग 150 किलो वजन वाले आकर्षक कांवर के साथ जा रहे हैं। डोली कांवर का वजन लगभग 70 किलो है। इन उत्साही कांवरियों ने बताया कि वे 2012 से इस तरह के कांवर लेकर जा रहे हैं। उनकी कोई मन्नत नहीं है। बाबा का बुलावा आता है तो वे दौड़कर चले आते हैं और श्रद्धा से बाबा के दरबार पहुंचते हैं।


