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महाराष्ट्र चुनाव से पहले कांग्रेस-NCP को झटका, दो पूर्व मंत्रियों ने थामा BJP का दामन

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महाराष्ट्र में कांग्रेस और राकांपा को बुधवार को उस समय झटका लगा जब दोनों पार्टियों के दो पूर्व मंत्रियों ने भाजपा का दामन थाम लिया। दिन में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल भाजपा में शामिल हुए और शाम होते होते राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकांपा) के नेता और पूर्व मंत्री गणेश नाइक भी भगवा दल में शामिल हो गए। नाइक अपने साथ नवी मुंबई महानगरपालिक के 50 पार्षदों को भी सत्तारूढ़ दल में ले गए। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में जल्द ही चुनाव का ऐलान होने वाला है। इसके मद्देनजर कांग्रेस और राकांपा से नेताओं के पलायन का सिलसिला ऐसा शुरू हुआ है कि रूकने का नाम नहीं ले रहा है।

पाटिल (56) दक्षिण मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। फडणवीस ने संकेत दिया कि पाटिल इंदापुर विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी हो सकते हैं। यह सीट पुणे जिले में पड़ती है। पाटिल के जाने से राज्य में कांग्रेस को दूसरा बड़ा झटका लगा है। इससे पहले राधाकृष्ण विखे पाटिल लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस छोड़ भगवा दल में शामिल हो गए थे और फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए थे।
     
पाटिल के कांग्रेस छोड़ने से एक दिन पहले अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर और मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह ने सबसे पुरानी पार्टी को अलविदा कह दिया था। पाटिल पुणे जिले की इंदापुर सीट से चार बार विधायक रहे हैं, लेकिन वह 2014 का विधानसभा चुनाव राकांपा के दत्तात्रेय भरणे से करीबी अंतर से हार गए थे। कांग्रेस और राकांपा ने पिछला चुनाव अलग-अलग लड़ा था।
    
सूत्रों के मुताबिक, पाटिल ने बारामती लोकसभा सीट पर राकांपा की सांसद सुप्रिया सुले की जीत सुनिश्चित करने के लिए उनका समर्थन किया था। उन्हें उम्मीद थी कि इसके बदले में शरद पवार नीत पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में इंदापुर सीट कांग्रेस के लिए छोड़ देगी।

बहरहाल, राकांपा नेता अजित पवार ने बाद में कहा कि इंदापुर सीट पर अभी फैसला नहीं लिया गया है। वह 1995 में निर्दलीय चुनाव जीते थे और 1995-99 के दौरान शिवसेना-भाजपा की गठबंधन सरकार में कृषि राज्य मंत्री थे। उन्होंने अगले दो चुनाव भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर जीते, लेकिन इस बार कांग्रेस-राकांपा की गठबंधन सरकारों का समर्थन किया और मंत्री बने रहे। वह 2009 में कांग्रेस में शामिल हो गए और पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा। वहीं नाइक के जाने से राकांपा को भी झटका लगा है।

नवी मुंबई में पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री गणेश नाइक करीब 50 पार्षदों के साथ भाजपा में बुधवार को शामिल हो गए। नाइक नवीं मुंबई से सटे वाशी में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में नवी मुंबई महानगरपालिका के 50 पार्षदों सहित सत्तारूढ़ दल में औपचारिक रूप से शामिल हो गए। नाइक पूर्व सांसद संजीव के बेटे हैं।
     
वरिष्ठ नेता के भाजपा में शामिल होने से नवी मुंबई महानगरपालिका पर भगवा दल के कब्जे का रास्ता सरल हो गया है। नाइक ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत शिवसेना के साथ की थी, लेकिन वह बाल ठाकरे के साथ मतभेदों के चलते 1999 में राकांपा में शामिल हो गए थे। राकांपा का गठन उसी साल हुआ था।

नवीं मुंबई-रायगढ़ के प्रभुत्व वाले आगरी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले नाइक ने 2014 का विधानसभा चुनाव बेलापुर से लड़ा था लेकिन वह भाजपा के मंडा महात्रे से हार गए थे। नाइक के छोटे बेटे 31 जुलाई को भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद से ही अटकले लगाई जा रही थी कि वह शरद पवार की अध्यक्षता वाली राकांपा को छोड़ सकते हैं। इससे पहले,राकांपा की मुंबई इकाई के प्रमुख सचिन अहीर और विधायक जयदत्त क्षीरसागर और पांडुरंग बरोरा शिवसेना में शामिल हो गए थे।

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  • Web Title:before maharashtra election ncp and congress leaders joins bjp