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मंत्री बन जाओ, राजनीति सीख जाओगे; प्रणब मुखर्जी ने राहुल गांधी को दी थी सलाह; डायरी में लिखी थीं कई बातें

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राहुल गांधी से कहा था कि कैबिनेट में शामिल हो जाओ तो सरकार के बारे में अनुभव हो जाएगा। वह उन्हें परिपक्व राजनेता नहीं मानते थे।

 मंत्री बन जाओ, राजनीति सीख जाओगे; प्रणब मुखर्जी ने राहुल गांधी को दी थी सलाह; डायरी में लिखी थीं कई बातें
Ankit Ojhaएजेंसियां,नई दिल्लीTue, 05 Dec 2023 10:34 PM
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपनी आने वाली पुस्तक में पिता के बारे में कई ऐसी बातें लिखी हैं जो कि या तो उनकी डायरी में लिखी हुई थीं या फिर उन्होंने सीधे बताई थीं। इस डायरी में प्रणव मुखर्जी ने राहुल गांधी के बारे में भी कई बातें लिखी थीं। शर्मिष्ठा ने अपनी आने वाली पुस्तक 'इन प्रणब, माई फादर: ए डॉटर रिमेम्बर्स' में सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री पद की दौड़ से हटने के फैसले के बाद अपने पिता के साथ फोन पर हुए संवाद का भी उल्लेख किया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 2004 में केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनने के समय अपनी पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी से कहा था कि 'सोनिया गांधी मुझे प्रधानमंत्री बनाएंगी।''

राहुल गांधी को दी थी यह सलाह
शर्मिष्ठा ने अपनी किताब में लिखा, प्रणब राहुल गांधी को काफी जिज्ञासु मानते थे। उनके पास हमेशा सवालों का भंडार होता था। वह बहुत कुछ सीखना चाहते थे। लेकिन उन्हें लगता था कि राहुल गांधी अभी परिपक्व राजनेता नहीं बन पाए हैं। वह राष्ट्रपति भवन में अकसर राष्ट्रपति से मिलने जाया करते थे। प्रणब ने उन्हें सलाह दी कि वे कैबिनेट में शामिल हो जाएं और सरकार के बारे में कुछ अनुभव लें। लेकिन राहुल गांधी ने इस सलाह पर ज्यादा गौर नहीं किया। 25 मार्च 2013 को जब वह प्रणब मुखर्जी से मिलने पहुंचे तो उन्होंने इसके बारे में अपनी डायरी में लिखा। प्रणव ने लिखा, उनकी रुचि बहुत सारी चीजों में थी लेकिन एक जगह से बहुत जल्दी मन हट जाता था और दूसरे विषय पर चले जाते थे। मुझे नहीं पता कि कितना वह सुनते थे और कितनी बातों को अपने पर लागू करते थे। 


इस पुस्तक में वह लिखती हैं कि जब उन्होंने अपने पिता से प्रधानमंत्री पद के संदर्भ में सवाल किया तो उनका जवाब था कि ''नहीं, वह (सोनिया गांधी) मुझे प्रधानमंत्री नहीं बनाएंगी।'' कांग्रेस की प्रवक्ता रह चुकी शर्मिंष्ठा ने इस पुस्तक में अपने पिता के राजनीतिक जीवन के नए, अब तक अज्ञात रहे कुछ पहलुओं को उजागर किया है। पुस्तक का प्रकाशन 'रूपा प्रकाशन' ने किया है।
    
 मुखर्जी ने भारत के वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया। वह विदेश, रक्षा, वित्त और वाणिज्य मंत्री बने। वह भारत के 13वें राष्ट्रपति (2012 से 2017) थे। प्रणब मुखर्जी का 31 अगस्त, 2020 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वर्ष 2004 में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी। पार्टी अध्यक्ष के रूप में सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद थी और उन्हें गठबंधन सहयोगियों का पूरा समर्थन भी प्राप्त था, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री नहीं बनने का फैसला किया। इस निर्णय ने उनकी अपनी पार्टी के सहयोगियों और गठबंधन सहयोगियों सहित देश को आश्चर्यचकित कर दिया था।
    
 ''द पीएम इंडिया नेवर हैड'' शीर्षक वाले अध्याय में शर्मिष्ठा यह भी लिखती हैं, ''प्रधानमंत्री पद की दौड़ से हटने के सोनिया गांधी के फैसले के बाद, मीडिया और राजनीतिक हलकों में तेज अटकलें थीं। इस पद के लिए प्रबल दावेदारों के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह और प्रणब के नामों पर चर्चा हो रही थी।'' उनका कहना है, ''मुझे कुछ दिनों तक बाबा (प्रणब मुखर्जी) से मिलने का मौका नहीं मिला, क्योंकि वह बहुत व्यस्त थे, लेकिन मैंने उनसे फोन पर बात की। मैंने उनसे उत्साहित होकर पूछा कि क्या वह प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। उनका दो टूक जवाब था, 'नहीं, वह मुझे प्रधानमंत्री नहीं बनाएंगी।' प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह होंगे।''
 

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