लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, अनुबंध भी होगा समाप्त
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि के दौरान खामियों पर ठेकेदारों को सुधारने का आदेश दिया जाएगा। उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली का स्थलीय निरीक्षण किया और साइनेज बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।

बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने स्पष्ट किया कि डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि के दौरान निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की खामी मिलने पर संबंधित ठेकेदार को अपने खर्च पर तत्काल सुधार कराना होगा। यदि सुधार में लापरवाही या देरी बरती गई तो नोटिस जारी करने के साथ सुरक्षा निधि जब्त करने, आर्थिक दंड लगाने, ब्लैकलिस्ट करने और अनुबंध समाप्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली आवासीय योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान की गई गतिविधियाँ
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़कों, नालियों, सीवर, पेयजल, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, विद्युत व्यवस्था, पार्कों, सार्वजनिक भवनों, 33 केवी विद्युत उपकेंद्र, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, लाइब्रेरी और कन्वेंशन हॉल की कार्यशीलता का परीक्षण किया। उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने निरीक्षण करते हुए कहा कि प्राधिकरण के सभी निर्माण कार्य दो वर्ष की डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि के अंतर्गत आते हैं। इस अवधि में यदि सड़क धंसने, टूट-फूट, दरार, रिसाव या निर्माण गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी मिलती है तो संबंधित ठेकेदार को अपने खर्च पर तत्काल मरम्मत करानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुधार कार्य में देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा निधि जब्त करने, आर्थिक दंड लगाने, ब्लैकलिस्ट करने और अनुबंध समाप्त करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।
साइनेज बोर्ड लगाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली के विभिन्न सेक्टरों, प्रमुख मार्गों और चौराहों पर दिशा-सूचक (साइनेज) बोर्ड जल्द लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे आवंटियों और आगंतुकों को सेक्टर, प्लॉट और प्रमुख स्थलों की पहचान करने में सुविधा होगी तथा योजनाओं में आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित बन सकेगा।
बीडीए का उद्देश्य आवंटियों को उच्च गुणवत्ता के विकास कार्यों के साथ आधुनिक और नागरिक-अनुकूल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- सौम्या पांडेय, उपाध्यक्ष बीडीए


