लोदना में 75 ठेका मजदूरों के बीसीसीएल में नियोजन की प्रक्रिया शुरू
अलकडीहा, लोदना क्षेत्र के नॉर्थ व साउथ तिसरा कोलियरी साइडिंग के 75 ठेका मजदूरों के नियोजन की प्रक्रिया शुक्रवार को शुरू हुई। इन मजदूरों का 31 वर्षों का संघर्ष रंग लाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में 47 मजदूरों के कागजातों की जांच हुई। इसे मजदूरों की बहुत बड़ी जीत बताया गया है।

अलकडीहा, प्रतिनिधि। लोदना क्षेत्र के नॉर्थ व साउथ तिसरा कोलियरी साइडिंग के 75 ठेका मजदूरों के नियोजन की प्रक्रिया शुक्रवार को क्षेत्रीय कार्यालय में आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई। इसके साथ ही इन मजदूरों का 31 वर्षों का लंबा संघर्ष आखिरकार रंग लाया और बीसीसीएल में नौकरी का रास्ता साफ हो गया।
नियोजन प्रक्रिया
दो मजदूरों, महेश पासवान और सावित्री देवी को नियोजन मिल भी चुका है, जबकि बाकी बचे मजदूरों के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन अधिकारियों की गठित टीम द्वारा शुक्रवार को किया गया। यह मामला साइडिंग में सेलपीकर और पत्थर चुनने वाले मजदूरों के नियोजन से जुड़ा है। वर्ष 2000 में झारखंड हाईकोर्ट ने मजदूरों के हक में फैसला सुनाया था, जिसे बीसीसीएल प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए प्रबंधन को नियोजन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश के आलोक में शुक्रवार को कुल 47 मजदूरों के कागजातों की जांच की गई। इस प्रक्रिया में 14 मृत मजदूरों के आश्रित भी अपने दस्तावेज लेकर पहुंचे थे।
जाँच टीम और प्रतिक्रिया
जांच टीम में धनबाद बंदोबस्त कार्यालय पदाधिकारी हेमा प्रसाद, नारायण राम, कार्यपालक दंडाधिकारी दीपक कुमार दूबे और अमित महतो शामिल थे। इस ऐतिहासिक पल को लेकर कार्यालय में सुबह से ही गहमागहमी रही और कई बुजुर्ग मजदूर व्हीलचेयर पर भी पहुंचे थे। इस मामले पर लोदना क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक ने सिर्फ इतना कहा कि प्रक्रिया जारी है। वहीं, बीसीकेयू के संयुक्त महामंत्री मानस चटर्जी ने इसे मजदूरों के आंदोलन की बहुत बड़ी जीत बताया और कहा कि संगठन हमेशा मजदूरों के साथ मजबूती से खड़ा रहा है。
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