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हिजाब विवाद पर अल कायदा चीफ के वीडियो से बवाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

बोम्मई ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह कक्षा के अंदर हिजाब पहनने के अपने अधिकार का बचाव करने वाली छात्रा मुस्कान की अलकायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी द्वारा की गई प्रशंसा से हैरान नहीं हैं।

हिजाब विवाद पर अल कायदा चीफ के वीडियो से बवाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
Amit Kumarएजेंसीज,बेंगलुरुFri, 08 Apr 2022 07:36 AM

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने शीर्ष पुलिस अधिकारियों से उस वीडियो क्लिप की जांच करने के लिए कहा है, जिसमें अल कायदा प्रमुख अयमान अल जवाहिरी को दक्षिणी राज्य में हिजाब विवाद के बीच एक प्रदर्शनकारी लड़की की प्रशंसा करते हुए दिखाया गया है। 

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य और राष्ट्रीय नियमों के खिलाफ मुद्दों को उठाकर लोगों में अशांति पैदा करने के लिए इस तरह की ताकतें पहले भी काम करती रही हैं। अल कायदा प्रमुख का बताया जा रहा वीडियो क्लिप भी उसी का हिस्सा है।" 

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह कक्षा के अंदर हिजाब पहनने के अपने अधिकार का बचाव करने वाली छात्रा मुस्कान की अलकायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी द्वारा की गई प्रशंसा से हैरान नहीं हैं।

मुख्यमंत्री बोम्मई ने विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया को भी इस बयान के लिए आड़े हाथ लिया कि जवाहिरी के वीडियो से छेड़छाड़ की गई है और यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का ‘कृत्य’ है।

क्या है मुस्कान का मामला? 

फरवरी में हिजाब विवाद जब चरम पर था, मांड्या में बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा मुस्कान खान के हिजाब के साथ कॉलेज में प्रवेश करने को लेकर भगवा पट्टा पहने छात्रों के एक समूह ने नारेबाजी की थी। छात्रों ने जैसे ही ‘‘जय श्री राम’’ का नारा लगाया, मुस्कान ने इसके जवाब में ‘‘अल्लाह-हू-अकबर’’ का नारा लगाया। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने बीच-बचाव करके स्थिति को नियंत्रित किया।

बोम्मई ने नयी दिल्ली से लौटने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘आश्चर्य की कोई बात नहीं है। कुछ मुद्दों को कानून के खिलाफ जाकर और मुद्दा बनाकर बेवजह उठाया जाता है। कुछ ताकतें लगातार जनता के बीच अराजकता और भ्रम पैदा कर रही हैं। इसके हिस्से के रूप में, अलकायदा ने स्पष्ट रूप से अपने विचार व्यक्त किए हैं।’’

बोम्मई ने कहा कि उन्होंने जवाहिरी के वीडियो की प्रामाणिकता का पता लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। बोम्मई ने सिद्धारमैया के इस आरोप को खारिज कर दिया कि कथित वीडियो के पीछे आरएसएस का हाथ है और कहा कि इसके पीछे कोई तर्क और आधार नहीं है।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘मुझे आश्चर्य है कि अलकायदा का नाम (हिजाब विवाद में) सामने आने के बाद सिद्धारमैया बेचैन क्यों हो गए। यही मूल प्रश्न है। अगर अलकायदा का नाम सामने आता है तो उन्हें क्या दिक्कत है?’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आज कहा कि जवाहिरी का कथित वीडियो आरएसएस द्वारा गढ़ा गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवादी कहां हैं, आतंकवादी कौन है? यह आरएसएस है, जो उन्हें (वीडियो) भेजता है। यह सब नकली है। केवल इन्हीं लोगों (आरएसएस पदाधिकारियों) ने इसे गढ़ा है। मुख्यमंत्री जब खुफिया जानकारी से लैस हैं तो उनके लिए पता लगाने के लिए क्या है? ये ख़ुफ़िया अधिकारी रोज़ सुबह और शाम को उन्हें जानकारी देते हैं।’’

मुस्कान खान के परिवार ने अलकायदा के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है और कहा है कि वह नहीं जानते कि जवाहिरी कौन है। मांड्या निवासी लड़की के पिता मोहम्मद हुसैन खान ने परिवार को विवाद से दूर करने की कोशिश करते हुए कहा कि वे एक आतंकवादी संगठन के नेता से कोई प्रशंसा नहीं चाहते हैं।
 

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