श्रम विभाग ने मुक्त कराए 12 बाल श्रमिक
बरेली में 1 जुलाई से 31 अगस्त तक बाल श्रमिकों के चिन्हांकन एवं पुनर्वासन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 14 जुलाई को 12 बाल श्रमिकों को मुक्त कराते हुए आठ निरीक्षण टिप्पणियां जारी की गईं। सहायक श्रमायुक्त ने सभी सेवायोजकों से अनुरोध किया कि वे 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को काम पर न लगाएं।

बरेली, मुख्य संवाददाता। जिले में बाल एवं किशोर श्रमिकों के चिन्हांकन एवं पुनर्वासन के लिए एक जुलाई से 31 अगस्त तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 14 जुलाई को कस्बा शाही, फतेहगंज पश्चिमी, मीरगंज आदि में सेवायोजकों के खिलाफ आठ निरीक्षण टिप्पणी जारी कर 12 बाल/किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया गया। श्रम विभाग से श्रम प्रवर्तन अधिकारी आरके चतुर्वेदी और वीके त्रिवेदी, एएचटीयू से मनोज शर्मा व योगेश्वर आदि मौजूद रहे।
अभियान की जानकारी
सहायक श्रमायुक्त बाल गोविंद ने बताया कि केंद्र सरकार ने बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) 1986 यथा संशोधित, 2016 के अन्तर्गत 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को किसी भी प्रकार के कार्य करने से प्रतिबंधित कर दिया है। 14 वर्ष से 18 वर्ष के किशोर को खतरनाक व्यवसाय/प्रक्रियाओं यथा खदानों/ विस्फोटक सामग्री बनाने वाले प्रतिष्ठानों व कारखाना अधिनियम के अन्तर्गत अधिसूचित खतरनाक प्रक्रिया/व्यवसायों में भी किशोर के कार्य करने पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कानूनी दंड
इसके उल्लंघन पर संबंधित सेवायोजक के विरूद्ध बाल श्रमिक (14 वर्ष से कम) को योजित करने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना व वसूली तथा 6 माह से 2 साल की कैद हो सकती है। 14 से 18 वर्ष के किशोर श्रमिकों को योजित करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना व 6 माह की कैद की कार्यवाही न्यायालय स्तर से हो सकती है। उन्होंने सभी सेवायोजकों/प्रतिष्ठान मालिकों से अपील की है कि वे अपने अधिष्ठानों/प्रतिष्ठानों एवं कारखानों में 18 वर्ष से कम उम्र के बालक/किशोरों को नियोजित न करें।


