युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में केस दर्ज
बाराबंकी में एक युवती ने प्रेम संबंध के बाद शादी से इनकार और मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या कर ली। उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया। कई बार पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अंततः कोर्ट के आदेश पर अब मुकदमा दर्ज किया गया है।

बाराबंकी। प्रेम संबंध के बाद शादी से इनकार करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने से आहत युवती ने आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। देवा कस्बा निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी पुत्री का प्रेम संबंध सरैया मजरे सलारपुर गांव निवासी आशीष यादव से था। दोनों के बीच शादी की बात भी चल रही थी, लेकिन आशीष के परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया था।पीड़ित ने बताया कि 28 जून 2026 को आशीष ने फोन कर उनकी पुत्री को लखनऊ के कैसरबाग बस स्टैंड बुलाया था।
वहां से लौटने के बाद युवती ने परिजनों को बताया था कि आशीष ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और नौकरी लगने के बाद शादी से इनकार करते हुए उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। आरोप है कि आशीष ने उसके अश्लील वीडियो भी बना रखे थे और उन्हें वायरल करने की धमकी देता था। पीड़ित ने बताया कि इसके बाद उसने फंदा लगा कर खुदकुशी कर ली थी। पीड़ित पिता का आरोप है कि आशीष, उसके पिता राम नरेश, मां मीना देवी और भाई उत्तम कुमार ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया था। शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। इस मामले में पुलिस को तहरीर दी गई थी लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। 24 जुलाई को पुलिस अधीक्षक को भी रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी गई, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में पिता ने मृतका के मोबाइल फोन में मौजूद बातचीत और अन्य साक्ष्यों का भी हवाला दिया गया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।


