हर बुधवार न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे अधिवक्ता
दि बार एसोसिएशन की बैठक में कानपुर महासम्मेलन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई। 16 सितंबर को अधिवक्ताओं द्वारा हड़ताल करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए कानून लागू करने की मांग उठाई गई। बैठक में नवीनतम बार संविधान की प्रति सदस्यों को उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव पारित किया गया।

दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी की बैठक मंगलवार को अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। महासचिव कपिल गुप्ता ने बैठक का संचालन किया। बैठक में कानपुर में हुए अधिवक्ताओं के प्रांतीय महासम्मेलन में पारित प्रस्तावों की जानकारी कार्यकारिणी को दी। बैठक में कानपुर महासम्मेलन के प्रस्तावों के समर्थन में 16 सितंबर बुधवार को को न्यायिक कार्य से विरत रहकर हड़ताल करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। कार्यकारिणी ने निर्णय लिया कि आगे भी हर बुधवार को कोई अधिवक्ता न्यायालय में कार्य करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। महासचिव कपिल गुप्ता ने बताया कि महासम्मेलन में अधिवक्ताओं को लगातार हड़ताल पर न जाने संबंधी वचनपत्र देने के लिए बनाए जा रहे दबाव का विरोध किया गया।
साथ ही अधिवक्ता अधिनियम, 1961 में प्रस्तावित संशोधन, उच्च न्यायालय के रिट संख्या 12231/2025 में दिए गए अधिवक्ता विरोधी निर्णय के विरोध और प्रदेश में शीघ्र अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग का समर्थन किया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित करने की मांग को लेकर भी प्रत्येक बुधवार हड़ताल के प्रस्ताव पर सहमति जताई गई। वहीं बैठक में मुख्यमंत्री की ओर से प्रयागराज में अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की घोषणा किए जाने पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। कार्यकारिणी ने चार जुलाई से लागू बार के नए संविधान की प्रति सभी सदस्यों को 50 रुपये शुल्क में उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी पारित किया। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजार हुसैन, कोषाध्यक्ष अजय बंसल, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पुनीत चौहान, सचिन शर्मा, संयुक्त सचिव आवरण अग्रवाल, जितेंद्र प्रताप सिंह, रमा पांडे, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य शिवकुमार गौतम, कैलाश सिंह, जाबिर हुसैन, कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य फिरोज आलम, सचिन कुमार, पंकज शर्मा और सुनील कुमार सक्सेना मौजूद रहे।


