हरिद्वार में मांगें मनवाने के लिए बैंक कर्मियों ने की हड़ताल
पांच दिवसीय कार्य, पीएलआई में बराबरी की मांगहरिद्वार में मांगें मनवाने के लिए बैंक कर्मियों ने की हड़तालहरिद्वार में मांगें मनवाने के लिए बैंक कर्मियो

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल कर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रेमनगर आश्रम स्थित बैंक के बाहर सैकड़ों की संख्या में बैंककर्मी एकत्र हुए और सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। इस अवसर पर संयोजक राजकुमार सक्सेना ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य का वादा तीन वर्ष पूर्व किया गया था लेकिन उसे लागू नहीं करने से कर्मचारियों में रोष है। बैंक में कर्मचारी घटते जा रहे हैं इससे बहुत दबाव रहता है। दो दिवसीय अवकाश से थोड़ा दबाव कम होगा। जब एलआईसी, रिजर्व बैंक और अन्य सेक्टर में पांच दिवसीय कार्य होता है तो बैंक में क्यों नहीं हो सकता है।
उन्होंने कहा कि पीएलआई प्रॉफिट प्रोडक्टिविटी लिंक इंसेंटिव में भी भेदभाव किया जा रहा है। ब्रांच में सुबह से शाम तक मेहनत कर कार्य करने वाले कर्मचारियों को 15 दिन का इंसेंटिव और जो अधिकारी होकर भी कम कार्य करते हैं उन्हें 365 दिन का इंसेंटिव मिलता है। इस प्रकार का भेदभावपूर्ण वाला आदेश आपस में मनमुटाव लाता है। सरकार को सभी के साथ एक समान बर्ताव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी दोनों मांगे नहीं मानती है तो आगामी 28, 29, 30 सितंबर को बैंक बंद किए जाएंगे। जनता को होने वाली परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। अपना अधिकार नहीं छोड़ना है। सभी एकजुट होकर इस लड़ाई में साथ रहें। सरकार हठधर्मिता नहीं कर सकती है। धीरे धीरे सभी सुविधाएं समाप्त की जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों में राहुल खुराना, पंकज नेगी, लक्ष्मी उपाध्याय, मयंक तिवारी, पंकज कुमार, अंकिता कंडारी, आशीष, कीर्ति सिंह, नीता, प्रियंका, स्मिता, नवीन कुमार, सतीश्वर प्रसाद, अमित बिष्ट, राहुल कुमार, संकेत सिंह, कुलदीप कुमार, राजीव शर्मा, अजय कुमार, बीना देवी, नेहा भार्गव, अंकिता नौटियाल, आलोरिता, प्रियंका, अनु, चंपा रावत, नीलिमा बिष्ट, आरती, प्रतिमा आदि सैकड़ों बैंककर्मी उपस्थित रहे।


