शहर से लेकर गांव तक के बैंकों पर लटके रहे ताले, मांगों को लेकर हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन से जुड़े बैंक संगठनों के कर्मचारियों ने शुक्रवार को बस्ती में हड़ताल की। बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे और धरना प्रदर्शन किए गए। हड़ताल का मुख्य कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की मजबूती, निजीकरण पर रोक और पुरानी पेंशन बहाली की मांग थी।
बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन से जुड़े बैंक संगठनों के कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। शहर से लेकर गांव तक के बैंकों पर हड़ताल का असर नजर आया। बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे। जगह-जगह एकत्र होकर बैंक कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। हड़ताल को देखते हुए बैंकों ने अपने ग्राहकों के लिए पहले से ही अलर्ट जारी कर दिया था। ग्राहकों को मैसेज भेजकर बताया गया था कि 11 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए वह पूर्व में ही अपना लेन-देन कर लें। यूपी ग्रामीण बैंक के कर्मचारी नेता ब्रजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि यूपी ग्रामीण बैंक कर्मचारी संगठन अरेबिया से जुड़े कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
बस्ती जिले की 61 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप है। कर्मचारियों से कहा गया है कि वह क्षेत्रीय कार्यालय पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन में शामिल हों। इसी के साथ एसबीआई, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा के वह कर्मचारी जो लेफ्ट संगठनों से जुड़े हैं, वह हड़ताल पर हैं। भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर अधिकांश संगठन आज की हड़ताल में शामिल हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों व बीमा कंपनियों को मजबूती प्रदान करने, बैंक व एलआईसी के निजीकरण पर रोक लगाने, आउटसोर्सिंग प्रथा समाप्त कर उन कर्मियों को नियमित करने, पुरानी पेंशन बहाली आदि की मांग को लेकर हड़ताल की गई है।


