3000 बैंककर्मी हड़ताल पर, 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
गोरखपुर में बैंक प्रबंधन और यूनियनों के बीच वार्ता विफल होने के बाद, लगभग 3000 बैंक कर्मियों ने हड़ताल कर दी। इस हड़ताल से 500 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है। यूनियनें प्रमुख मांगों जैसे पांच दिवसीय बैंकिंग और पेंशन अपडेशन पर जोर दे रही हैं।
गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता बैंक प्रबंधन, वित्त मंत्रालय और यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच केंद्रीय श्रमायुक्त कार्यालय में दो दिनों से चल रही वार्ता विफल होने के बाद बैंक कर्मियों ने शुक्रवार को हड़ताल कर दी। करीब 3000 बैंक कर्मी हड़ताल पर हैं। जिससे 500 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में बैंक कर्मियों ने एसबीआई मुख्य शाखा पर एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।हड़ताल में जिले के स्टेट बैंक समेत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के करीब 3000 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए हैं। यूएफबीयू में एआइबीईए, एआइबीओसी, एनसीबीई, एआइबीओए, बीईएफआइ, आइएनबीओसी और आइएनबीईएफ समेत सात यूनियनें शामिल हैं।
ये यूनियनें बैंकिंग कार्यबल के 90 प्रतिशत से अधिक का प्रतिनिधित्व करती हैं। आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि यूएफबीयू की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग, बैंक अधिकारियों के लिए प्रस्तावित पीएलआई की समान योजना, आइडीबीआई के विदेशीकरण पर रोक और पेंशन अपडेशन शामिल हैं। यूएफबीयू के संयोजक यूपीएन सिंह ने बताया कि 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल भी प्रस्तावित है। मांगें नहीं मानी गईं तो अक्टूबर के अंत में अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव है।


