खाते की सुरक्षा के साथ साइबर ठगी से बचाव के बताए गए उपाय
बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार को लालबाजार पंचायत भवन में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया। लोगों को बैंक खाते की सुरक्षा, एटीएम के उपयोग और साइबर अपराध से बचाव के बारे में जानकारी दी गई। शाखा प्रबंधक ने गोपनीय जानकारी साझा न करने के लिए सावधानी बरतने की अपील की।

राजधनवार, प्रतिनिधि। बैंक ऑफ इंडिया की ओर से सतर्कता जागरुकता अभियान के तहत गुरुवार को लालबाजार स्थित पंचायत भवन में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को बैंक खाते की सुरक्षित देखरेख, एटीएम के सुरक्षित इस्तेमाल तथा बढ़ते साइबर अपराध से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बैंक ऑफ इंडिया धनवार शाखा के शाखा प्रबंधक अशोक कुमार ने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल करते समय थोड़ी-सी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, संदेश या लालच में आकर बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
साइबर ठगी से बचाव के उपाय
उन्होंने बताया कि खाते का विवरण, एटीएम का पिन, पासवर्ड, ओटीपी, डेबिट कार्ड की जानकारी और मोबाइल पर प्राप्त किसी भी गोपनीय संदेश को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। बैंक अधिकारी बनकर फोन करनेवालों से भी सावधान रहने की जरूरत है। बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता।
आधार संख्या की सुरक्षा
शाखा प्रबंधक ने आधार संख्या की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधार संख्या किसी अनजान व्यक्ति को नहीं देनी चाहिए। साथ ही, जिस मोबाइल नंबर से आधार जुड़ा हुआ है, उस नंबर को भी अनावश्यक रूप से किसी के साथ साझा करने से बचना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान स्रोत से प्राप्त मोबाइल ऐप डाउनलोड नहीं करें। एटीएम के इस्तेमाल के दौरान पिन डालते समय की-पैड को हाथ से ढकने, किसी अनजान व्यक्ति की सहायता नहीं लेने तथा लेन-देन के बाद रसीद और संदेश की जांच करने की सलाह दी गई। किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलते ही तत्काल बैंक से संपर्क करने को कहा गया।
साइबर ठगी के सामान्य तरीके
कार्यक्रम में ग्रामीणों को साइबर ठगी के सामान्य तरीकों जैसे फर्जी बैंक अधिकारी बनकर फोन करना, केवाईसी अपडेट के नाम पर लिंक भेजना, इनाम या लॉटरी का झांसा देना तथा ओटीपी मांगना आदि के प्रति भी सचेत किया गया। लोगों से कहा गया कि सतर्क रहें, गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें और ठगी होने की स्थिति में तुरंत संबंधित बैंक तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। कार्यक्रम में बैंककर्मी, पंचायत प्रतिनिधि एवं दर्जनो संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.


