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बांग्लादेशी मुसलमानों ने दिया कांग्रेस को वोट, चाहते हैं असम पर नियंत्रण: हिमंत बिस्वा सरमा

सरमा ने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी मूल के अल्पसंख्यक समुदाय असम में एकमात्र ऐसा समुदाय है जो सांप्रदायिकता में लिप्त है। सरमा ने कहा कि मुसलमान अगले 10 सालों में असम पर नियंत्रण करना चाहते हैं।

बांग्लादेशी मुसलमानों ने दिया कांग्रेस को वोट, चाहते हैं असम पर नियंत्रण: हिमंत बिस्वा सरमा
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Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 23 Jun 2024 06:25 PM
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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि बांग्लादेशी मूल के अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को भारी मात्रा में वोट दिया। सरमा ने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी मूल के अल्पसंख्यक समुदाय असम में एकमात्र ऐसा समुदाय है जो सांप्रदायिकता में लिप्त है। असम सीएम ने कहा कि अल्पसंख्यकों ने केंद्र और राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों द्वारा उनके लिए किए गए विकास कार्यों पर विचार किए बिना कांग्रेस को वोट दिया।

उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी-एजीपी-यूपीपीएल गठबंधन ने असम में 14 लोकसभा सीटों में से 11 पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने शेष तीन सीटें जीतीं। सीएम सरमा ने विजयी भाजपा उम्मीदवारों के अभिनंदन समारोह में कहा, "अगर हम कांग्रेस के 39 प्रतिशत वोटों का विश्लेषण करें, तो यह वोट पूरे राज्य से नहीं आए, इसका पचास प्रतिशत हिस्सा 21 विधानसभा क्षेत्रों में केंद्रित है, जो अल्पसंख्यक बहुल हैं। इन अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में भाजपा को 3 प्रतिशत वोट मिले।" आगे बोलते हुए सरमा ने कहा, "इससे साबित होता है कि हिंदू सांप्रदायिकता में लिप्त नहीं हैं। अगर असम में कोई सांप्रदायिकता में लिप्त है, तो वह केवल एक समुदाय, एक धर्म है। कोई अन्य धर्म ऐसा नहीं करता है।" 

असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों ने कांग्रेस को वोट दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने असमिया लोगों और आदिवासियों के लिए काम किया, लेकिन बांग्लादेशी मूल के अल्पसंख्यकों ने सत्तारूढ़ पार्टी को वोट नहीं दिया।  पीटीआई ने सरमा के हवाले से कहा, "करीमगंज को छोड़कर, अगर हम बांग्लादेशी मूल के लोगों की बहुलता वाले केंद्रों पर विचार करें, तो 99 प्रतिशत वोट कांग्रेस को गए हैं। वे (अल्पसंख्यक लोग) (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी द्वारा दिए गए घरों में रह सकते हैं, मोदी द्वारा प्रदान की गई बिजली और स्वच्छता सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं, लेकिन जब वे वोट देने जाते हैं, तो वे कांग्रेस को वोट देते हैं।"

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बांग्लादेशी मूल के समुदाय कांग्रेस को वोट देंगे क्योंकि वे अगले 10 सालों में असम पर नियंत्रण करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आदर्श आचार संहिता के दौरान समुदाय के सदस्यों ने लखीमपुर, बारपेटा के एक गांव में एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया और कोकराझार में जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की।