बाबानगरी में बांग्ला श्रावण का शंखनाद
देवघर कार्यालय संवाददाताद्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ कामनालिंग बाबा वैद्यनाथ की पावन नगरी में बांग्ला श्रावण की शुरुआत आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष
देवघर कार्यालय संवाददाता द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ कामनालिंग बाबा वैद्यनाथ की पावन नगरी में बांग्ला श्रावण की शुरुआत आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि संक्रांति शुक्रवार को हो गयी। इसके साथ ही पूरा माहौल शिवमय हो गया है। इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है। बाबानगरी में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने कमर कस ली है। बांग्ला श्रावण की शुरुआत के साथ ही बाबा वैद्यनाथ मंदिर प्रांगण और पूरे देवघर में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया है। यह विशेष मासव्यापी मेला 17 अगस्त तक चलेगा। इस एक महीने की अवधि में बाबानगरी में चौबीसों घंटे बोल-बम और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहेंगे। इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहुसांस्कृतिक स्वरूप है। उत्तर भारत के अलावा, इस दौरान मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, असम, ओड़िशा के अलावा सीमावर्ती देश नेपाल और भूटान औरदेश-विदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु और कांवरिए सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पैदल बाबाधाम पहुंचेंगे। विदेशी और पड़ोसी देशों नेपाल के भक्तों के आगमन को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कांवरिया पथ से लेकर बाबा मंदिर परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। पेयजल, स्वास्थ्य शिविर, और शीघ्र दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले किसी भी शिवभक्त को परेशानी का सामना न करना पड़े。
बाबा वैद्यनाथ मंदिर प्रांगण में बिल्वपत्र प्रदर्शनी शुरू :-
बांग्ला श्रावण के पहले दिन संक्रांति के अवसर पर परंपरानुसार बाबा वैद्यनाथ मंदिर प्रांगण में पुरोहितों की ओर से लगाए जाने वाले पारंपरिक बिल्वपत्र प्रदर्शनी की भी शुरुआत हो गई। इस प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के और अद्भुत आकृतियों वाले बिल्वपत्र भगवान शिव को अर्पित करने के बाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। सनातन परंपरा में इस प्रदर्शनी का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। संध्या बेला में अलग-अलग बिल्वपत्र दलों से जुड़े लोग ढोल-ढाक, बैंड बाजा के साथ अबीर-गुलाल उड़ाते हुए चांदी व स्टील के थालों में सजे आकर्षक बिल्वपत्र लेकर बाबा वैद्यनाथ मंदिर पहुंचे। वहीं सभी दलों की ओर से बाबा वैद्यनाथ को बिल्वपत्र अर्पण किए जाने के बाद अलग-अलग मंदिरों में प्रदर्शनी के लिए लगाया गया। प्रदर्शनी बांग्ला श्रावणी मेले की हर सोमवारी को लगायी जाएगी। समापन आगामी संक्रांति तिथि पर होगी, जिसे फाईनल के नाम से जाना जाता है।


