वीडीए ने 16 कोचिंग संस्थानों की सील खोली
लखनऊ में कोचिंग अग्निकांड के बाद बनारस में 16 संस्थानों को सुरक्षा मानकों को पूरा करने और पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने पर संचालन की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा, 20 अन्य संस्थानों ने शमन मानचित्र पेश किए हैं। जबकि कुछ संस्थान ऑनलाइन चल रहे हैं, अधिकतर को दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी न करने के कारण कक्षाएं चलाने की अनुमति नहीं मिली है।

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। लखनऊ में कोचिंग अग्निकांड के बाद बनारस में सील 16 संस्थानों के संचालन की अनुमति मिल गई है। सुरक्षा मानकों और पार्किंग सुविधा देने पर उनके सील खोले गए हैं। इसके अलावा 20 अन्य कोचिंग संस्थानों ने शमन मानचित्र दाखिल किए हैं। वीडीए की कार्रवाई के बाद से बंद कोचिंग संस्थान ऑनलाइन संचालित हैं। उन पर विद्यार्थियों और अभिभावकों की ओर से कक्षाएं शुरू करने का दवाब है। लेकिन दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी न करने से उन्हें कक्षाएं संचालित करने की अनुमति नहीं दी गई है। जिन्हें अनुमति मिली है उनमें चार चंदौली जिले के हैं। इसके अलावा चुप्पेपुर में अनिल कुमार, शिवपुर में अखिलेश नारायण सिंह, विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में अशोक कुमार, टाउन एक्सटेंशन कॉलोनी सिकरौल में प्रभात भृगुवंश, सरसौली में न्यू कौटिल्य अकादमी, दौलतपुर में भाष्कर मिश्रा, अकथा में नंदलाल जायसवाल, शिवपुरवा में डॉ. संध्या मिश्रा, चितईपुर में विजय लक्ष्मी, सरायनंदन में ब्रजेश कुमार, नगवा में सुनीता बाजपेयी के संस्थान हैं।
चंदौली जिले में बेचूपुर स्थित रविनगर कॉलोनी में सुभद्रा ओझा तथा ड्रीम गुरुकुल, बेचूपुर में इंपैक्ट कोचिंग सेंटर तथा मवई में अमेरिकन कोचिंग संस्थान शामिल हैं।


