मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में 10 अतिथि शिक्षकों की हुई तैनाती
बलरामपुर के मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम को मजबूत करने के लिए 10 नए अतिथि शिक्षकों की तैनाती की है। साक्षात्कार में उम्मीदवारों की योग्यता के आधार पर चयन किया गया। कुलपति ने कहा कि इससे छात्र पाठ्यक्रम के विषय विशेषज्ञों से सीख सकेंगे, जिससे शिक्षण व्यवस्था बेहतर होगी।

बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों की शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 10 अतिथि शिक्षकों का तैनाती किया गया है। अलग-अलग स्कूलों में आयोजित साक्षात्कार के बाद अभ्यर्थियों की योग्यता और मेरिट के आधार पर चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों के तैनाती को कार्यपरिषद से मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन में रोहित साहू व सौरभ त्रिपाठी, स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज में मानवेंद्र सिंह व अराधना मिश्रा, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर में विकास कुमार व डॉ. गजराज यादव, स्कूल ऑफ कॉमर्स में अमित कुमार सिंह व डॉ. धर्मेंद्र कुमार और स्कूल ऑफ जनरल एप्लाइड जियोग्राफी में मयंक कुमार सिंह व अक्षय वर्मा को तैनात किया गया है।
अतिथि शिक्षकों के चयन के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर अलग-अलग तिथियों में साक्षात्कार आयोजित किए गए। सात अगस्त को स्कूल ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन, आठ अगस्त को स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज, 10 अगस्त को स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, 11 अगस्त को स्कूल ऑफ कॉमर्स तथा 12 और 13 अगस्त को स्कूल ऑफ जनरल एंड एप्लाइड जियोग्राफी के लिए साक्षात्कार हुए। साक्षात्कार में अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता, विषयगत दक्षता और मेरिट को आधार बनाया गया। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 अभ्यर्थियों के नाम कार्यपरिषद के समक्ष अनुमोदन के लिए रखे गए। कार्यपरिषद की मंजूरी के बाद सभी चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित स्कूलों के लिए अतिथि शिक्षक के रूप में तैनात किया गया। अतिथि शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने से विभिन्न पाठ्यक्रमों में नियमित कक्षाओं के संचालन में सहूलियत होगी। खासकर नए व व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में विषय विशेषज्ञों की उपलब्धता से विद्यार्थियों की पढ़ाई को नियमित बनाए रखने में मदद मिलेगी। कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप अतिथि शिक्षकों की तैनाती की गई है। इससे शिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के साथ विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों का लाभ मिल सकेगा।


