रेवती और गंड योग में गणेश चौथ व्रत आज
वाराणसी, भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी तिथि पर बहुला चतुर्थी का व्रत इस बार सोमवार को रखा जाएगा। इस दिन गाय और बछड़े का पूजन विशेष महत्व रखता है। उसी दिन दुर्ग विनायक का वार्षिक शृंगार महोत्सव भी मनाया जाएगा।

वाराणसी, मुख्य संवाददाता। भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी तिथि पर बहुला चतुर्थी (बहुला चौथ) का व्रत इस बार सोमवार को रखा जाएगा। भगवान गणेश के साथ ही इस व्रत में बछड़ा सहित गाय के पूजन का विशेष विधान है। इस दिन रेवती और गंड योग बनेंगे। रेवती योग का प्रभाव बहुत शुभ होता है। वहीं गंड योग कठिनाइयों का द्योतक है मगर रेवती के कारण गंड योग का दुष्प्रभाव कम हो जाएगा। भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी तिथि 31 अगस्त को प्रात: 08:52 मिनट पर लगेगी। इसका समापन एक सितंबर को प्रात: 07:43 मिनट पर होगा। रेवती योग 30 अगस्त की मध्यरात्रि से 31 अगस्त की मध्यरात्रि के बाद तक रहेगा। गंड योग 30 अगस्त को आधीरात के बाद 3.45 बजे से आरंभ होकर 31 अगस्त को रात्रि 1.53 बजे तक रहेगा। निशाव्यापिनी चतुर्थी का मान होने के कारण यह व्रत 31 अगस्त को ही रखा जाएगा। उस रात चंद्रोदय 08 बजकर 05 मिनट पर होगा। ज्योतिषाचार्य पं. विकास शास्त्री के अनुसार चंद्रोदय के बाद विधि पूर्वक चंद्रमा को अर्घ्य देकर उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी। महिलाएं पुत्र की रक्षा एवं सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं। बहुला चतुर्थी के दिन गाय के दूध से बनी समस्त वस्तुओं का सेवन वर्जित है। गाय के दूध पर इस दिन उसके बछड़े का ही अधिकार रहता है। यही कारण है कि इस दिन सवत्सा गाय के भी पूजन का विधान है.
दुर्ग विनायक का वार्षिक शृंगार कल
वाराणसी। दुर्गाकुंड स्थित दुर्ग विनायक का वार्षिक शृंगार महोत्सव 31 अगस्त को मनाया जाएगा। मंदिर के महंत पं. ज्ञानेश्वर दूबे बताया कि भगवान की मंगला आरती भोर में पांच बजे पं. अशोक मिश्र करेंगे। प्रात: नौ बजे से गणेश अथर्वशीर्ष के पाठ के साथ दूर्वा से सहस्रार्चन शुरू होगा जो दोपहर एक बजे तक चलेगा। दोपहर एक बजे भगवान को फलाहार का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद मंदिर के पट बंद होंगे और संध्याकालीन शृंगार होगा। सायंकाल शृंगार आरती पं. ईशान दूबे करेंगे। शृंगार दर्शन सायं सात बजे से आरंभ होगा। रात्रि नौ बजे विराट आरती की जाएगी.


