विपुल उर्फ खूनी के एनकाउंटर की विवेचना क्राइम ब्रांच ट्रांसफर
बागपत में कुख्यात बदमाश विपुल उर्फ खूनी को 25 जुलाई को पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। उसका मामला अब क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। विपुल पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। उसके परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बागपत। कुख्यात बदमाश सुशील मूंछ गिरोह के शार्प शूटर 50 हजार रुपये के इनामी विपुल उर्फ खूनी को 25 जुलाई को एनकाउंटर में ढेर हो गया था। इसकी विवेचना सिंघावली अहीर थाने से क्राइम ब्रांच ट्रांसफर हो गई है। अब क्राइम ब्रांच एनकाउंटर की जांच करेगी। शामली के भभीसा निवासी कुख्यात बदमाश विपुल उर्फ खूनी सुशील मूंछ गिरोह का शार्प शूटर था। गत 25 जुलाई की शाम सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के सैड़भर गांव के जंगल में मेरठ एसटीएफ व सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। पुलिस ने उसके पास से दो पिस्टल .32 बोर, कारतूस के खोखे व अपाचे बाइक बरामद की थी।
विपुल के खिलाफ 38 मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ के एसआई अरुण निगम ने सिंघावली अहीर थाने में घटना का मुकदमा दर्ज कराया था। मृतक बदमाश के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़ा किया था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष विवेचना कराने की मांग की थी।बता दें कि विपुल ने अपने साथियों के साथ मिलकर 14 जुलाई 2014 को भभीसा गांव में पवन की हत्या की थी। घटना का कांधला थाने पर मुकदमा दर्ज हुआ था। पिछले काफी समय से यह मुकदमा न्यायालय में ट्रायल पर चल रहा है। मुकदमे की तारीख पर न्यायालय न पहुंचने के कारण उसका गैर जमानती वारंट भी जारी हो गया था। आरोप है कि विपुल ने मृतक के भाई अशोक से कुछ दिन पहले मुकदमे में खर्च हुए रुपये की मांग की थी। रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके बाद पीड़ित अशोक ने कांधला थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस तभी से उसकी गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी थी। जिसके बाद वह एसटीएफ और बागपत पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। एसपी सूरज कुमार राय का कहना है कि मुकदमे की विवेचना सिंघावली अहीर थाने से क्राइम ब्रांच ट्रांसफर की गई है। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


