सिर में चोट लगने से कुंवरपाल की मौत, गैर इरादतन हत्या का मुकदमा
बदायूं में क्रिकेट खेलने को लेकर विवाद में शनिवार सुबह दो पक्षों के बीच खूनी मारपीट हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है।

बदायूं/इस्लामनगर, हिटी। दो साल पहले क्रिकेट खेलने को लेकर हुए विवाद की रंजिश में शनिवार सुबह दो पक्षों के बीच हुई खूनी मारपीट में एक व्यक्ति की मौत के मामले में पुलिस ने मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर पांच आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, दंगा, घर में घुसकर मारपीट, जान से मारने की धमकी और घातक हथियारों से हमला करने समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की सिर में गंभीर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है।
विवाद का कारण
दरअसल इस्लामनगर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में शनिवार को करीब दो साल पहले क्रिकेट खेलने को लेकर हुए विवाद की रंजिश में दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों और फावड़ों से जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक पक्ष के 45 वर्षीय कुंवरपाल पुत्र छेदलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के बड़े भाई नरेश ने बताया कि करीब दो साल पहले उनके भतीजे गौरव के क्रिकेट खेलने के दौरान गेंद गांव निवासी मोरसिंह पुत्र देवीलाल की भैंस को लग गई थी। इसी बात पर मोरसिंह और उसका बेटा रामखिलाड़ी ने गौरव के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद गांव के लोगों ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था।
घटना का विवरण
नरेश ने बताया कि शनिवार सुबह उनका भाई कुंवरपाल खेत में दवा डालने जा रहा था। उसी पुरानी रंजिश को लेकर रास्ते में मोरसिंह पुत्र देवीलाल, रामखिलाड़ी पुत्र मोरसिंह, वेदवती पत्नी विजेंद्र पुत्री मोरसिंहन, अनार देई पत्नी मोर सिंह और हरकिशन पुत्र झंडू सिंह निवासी सहायपुर घूर थाना धनारी जनपद संभल ने उसे घेर लिया। जान बचाने के लिए कुंवरपाल अपने घर में घुस गए, लेकिन आरोपी घर में घुस आए और उन्हें बाहर खींचकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर नरेश, अतर सिंह पुत्र अमर सिंह और गौरव पुत्र कुंवरपाल बचाने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट कर दी। मौके पर पहुंचे गांव के यादकरन पुत्र चंदकेश और राजन पुत्र यादकरन ने बीच-बचाव कर घायलों को बचाया।
पुलिस कार्रवाई
सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को रुदायन अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। بعد में कुंवरपाल, नरेश और गौरव को राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां इलाज के दौरान कुंवरपाल की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मोरसिंह, रामखिलाड़ी, वेदवती, अनार देई और हरकिशन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। रविवार को पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें कुंवरपाल की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से होना सामने आया।
घायलों की संख्या
दोनों पक्षों के कुल सात लोग हुए थे घायल।
मारपीट में दोनों पक्षों के कुल सात लोग घायल हुए थे। पहले पक्ष से कुंवरपाल यादव पुत्र छेदालाल, अतर सिंह पुत्र अमर सिंह और नरेश पाल पुत्र छेदालाल घायल हुए। वहीं दूसरे पक्ष से मोरसिंह यादव पुत्र देवीसिंह, अनार देवी पत्नी मोरसिंह, राम खिलाड़ी पुत्र मोरसिंह और वेदवती पत्नी वीरेंद्र सिंह यादव घायल हुए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। कुंवरपाल और अतर सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें उच्च केंद्र रेफर किया गया, जबकि दूसरे पक्ष के घायलों का भी चिकित्सकीय परीक्षण और इलाज कराया गया। बाद में इलाज के दौरान कुंवरपाल की मौत हो गई।
आरोपियों का इलाज
मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने एकराय होकर पहले रास्ते में घेर लिया। जान बचाकर घर में घुसने के बाद भी पीछा करते हुए घर में घुस गए और कुंवरपाल को बाहर खींच लाए। इसके बाद लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और फावड़े से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे परिजनों के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस ने इसी आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवार की स्थिति
दो बेटों और एक बेटी के सिर से उठा पिता का साया।
कुंवरपाल की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पीछे दो बेटे और एक बेटी हैं, जिनमें से किसी की भी अभी शादी नहीं हुई है। परिवार का पूरा जिम्मा अब अन्य परिजनों पर आ गया है। घर में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार को ढांढ़स बंधाने पहुंच रहे हैं। बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार गहरी चिंता में है।
कुंवरपाल की पारिवारिक पृष्ठभूमि
तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे कुंवरपाल।
45 वर्षीय कुंवरपाल तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई नरेश पाल और छोटे भाई वीरपाल हैं। परिवार के लोग खेती-बाड़ी कर अपना जीवनयापन करते हैं। कुंवरपाल भी खेती के जरिए अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। गांव में उनकी पहचान मेहनती किसान के रूप में थी। अचानक हुई मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी संकट गहरा गया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी
घायल आरोपियों का इलाज जारी, गिरफ्तारी के प्रयास तेज।
मामले में प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि घटना में कुछ आरोपियों को भी चोटें आई हैं। इनमें एक आरोपी का इलाज बरेली के निजी अस्पताल में चल रहा है, जबकि दूसरे का इलाज बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज में कराया जा रहा है। पुलिस सभी आरोपियों की निगरानी कर रही है और स्वस्थ होते ही उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


