DA Image
27 फरवरी, 2020|6:36|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

झारखंड: बाबूलाल मरांडी की JVM ने हेमंत सरकार से वापस लिया समर्थन, कांग्रेस पर लगाया MLA को तोड़ने का आरोप

hemant soren photo ht

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के विलय का विरोध करने वाले पार्टी के विधायक बंधु टिर्की के बाद झाविमो के एक अन्य विधायक प्रदीप यादव पर भी गाज गिरी है। पार्टी ने विधायक प्रदीप यादव को झाविमो विधायक दल के नेता पद से हटा दिया है। इस बीच, झाविमो ने हेमंत सरकार से समर्थन भी वापस ले लिया है। झाविमो द्वारा इस संबंध में एक पत्र विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो को भेज दिया गया है। 

पार्टी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में लिखा गया है, “इस वर्ष चार जनवरी को हमारी पार्टी (झाविमो) के विधायक दल के नेता पद पर प्रदीप यादव के मनोनयन की सूचना आपको दी थी। परंतु, तत्काल प्रभाव से उन्हें पार्टी विधायक दल के नेता पद से मुक्त किया जाता है। इसकी सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए आपको यह पत्र प्रेषित किया जा रहा है।”

चाईबासा नरसंहार नहीं, बल्कि कांग्रेस और झामुमो में सहमति नहीं बनने से टला झारखंड कैबिनेट विस्तार!

इधर, झाविमो ने शुक्रवार (24 जनवरी) को सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने को भेजे गए पत्र में कहा है, "झाविमो बिना शर्त सरकार का समर्थन कर रही थी, परंतु संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) में शामिल कांग्रेस हमारे पार्टी के विधायकों को तोड़कर अपने दल में शमिल कराने के लिए प्रयासरत है। इस परिस्थिति में हमारी पार्टी समर्थन के मुद्दे पर पुनर्विचार करते हुए सरकार से समर्थन वापस लेती है।"

गुरुवार (23 जनवरी) को दिल्ली में पार्टी के विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और निष्कासित विधायक बंधु टिर्की ने कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बंधु टिर्की को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। गौरतलब है कि झाविमो के भाजपा में विलय के काफी दिनों से कयास लगाए जा रहे हैं। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में झाविमो ने तीन सीटें जीती थीं।

विधानसभा चुनावों में 81 निर्वाचित विधायकों में झामुमो को 30 सीटें जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस को 16 तथा राजद को एक सीट मिली थी।सत्ताधारी भाजपा इन चुनावों में सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि उसने 2014 के विधानसभा चुनावों में 37 सीटें जीती थीं और अपने सहयोगी आज्सू की पांच सीटों को मिलाकर 42 विधायकों के समर्थन से राज्य में सरकार का गठन किया था।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Babulal Marandi JVM Withdraw Support Hemant Soren Govt in Jharkhand