कांग्रेस ने आदिवासियों के साथ हमेशा किया छल : मरांडी
रांची में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और मिशनरियों पर आदिवासियों के हितों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डेमोग्राफी में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार और कांग्रेस की चुप्पी घातक है। मरांडी ने आदिवासी समाज को गुमराह करने से सावधान किया और उनके Constitutional अधिकारों की सुरक्षा की बात की।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की लगातार बदलती डेमोग्राफी को लेकर कांग्रेस, मिशनरी और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों के साथ धोखा और छल करने का काम किया है। कांग्रेस द्वारा सहयोगी के रूप में आदिवासियों को बरगलाने और गुमराह करने के लिए मिशनरियों का उपयोग किया गया है। मिशनरियों ने भी आदिवासियों को सदैव भ्रमित किया है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जहां तक संविधान से प्रदत्त आदिवासियों के हक अधिकार की बात है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह पूरी तरह सुरक्षित है।
आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों से कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। मरांडी ने आदिवासी समाज के लोगों से कांग्रेस और मिशनरियों की चाल और झांसे में नहीं फंसने की अपील की।उन्होंने मिशनरियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आदिवासियों को रैली में शामिल होने के लिए रांची के आर्च बिशप की ओर से पत्र जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि रैली में नहीं जाने पर 100 से लेकर 500 रुपए तक जुर्माना वसूलने की धमकी दी गई। इससे संबंधित उन्होंने एक ऑडियो क्लिप भी सुनाई। कांग्रेस आदिवासियों की झूठी हितैषी और लोकतंत्र की हिमायती बनती है और यहां इसके संवाहक मिशनरी बनी हुई है। मरांडी ने कहा कि सुनियोजित तरीके से डेमोग्राफी चेंज किया जा रहा है। इस पर ना मिशनरी कुछ बोल रही है, ना कांग्रेस और न ही राज्य सरकार। डुगडुगी बजाकर आदिवासियों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने की बात करने वालों के द्वारा उन्हें गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बदलती डेमोग्राफी पर कांग्रेस, मिशनरी और हेमंत सरकार की चुप्पी घातक है।


