बाबा दानीनाथ मंदिर में बंगला की अंतिम सोमवारी पर उमड़ा भीड़
काठीकुंड, प्रतिनिधि।बाबा दानीनाथ मंदिर में बंगला की अंतिम सोमवारी पर उमड़ा भीड़बाबा दानीनाथ मंदिर में बंगला की अंतिम सोमवारी पर उमड़ा भीड़बाबा दानीनाथ

काठीकुंड, प्रतिनिधि।बांग्ला सावन की अंतिम सोमवारी पर काठीकुंड स्थित प्रसिद्ध बाबा दानीनाथ मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार की सुबह से ही मंदिर परिसर में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। सुबह चार बजे मंदिर का पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा दानीनाथ का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना शुरू कर दी। श्रद्धालु अपने साथ गंगाजल, बेलपत्र, फूल, दूध और अन्य पूजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा कांवरिया भी बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं में भगवान शिव के प्रति विशेष उत्साह और भक्ति देखने को मिली। शिकारीपाड़ा प्रखंड क्षेत्र के पंचवाहिनी नदी से जल लेकर कई जत्थे करीब 12 किलोमीटर की पदयात्रा कर काठीकुंड पहुंचे। कांवरियों ने बाबा दानीनाथ को पवित्र जल अर्पित कर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की.
जो श्रद्धालु आए
फोटो संख्या-14 व 15- बाबा दानीनाथ मंदिर में पूजा करने पहुंचे श्रद्धालु
---
सैकड़ों कांवरिया तिरुपतिया नदी उत्तर वाहिनी घाट से जल भरकर बाबा दानीनाथ मंदिर हुए रवाना
गोपीकांदर, प्रतिनिधि।
गोपीकांदर प्रखंड के विभिन्न गांव से ग्रामीण भक्तगण सावन माह की तीसरी सोमवार को तिरुपतिया नदी उत्तर वाहिनी घाट से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने जल उठाया। जल उठाकर पंडित प्रकाश कुमार ने सभी का जल विधि विधान के साथ संकल्प कराकर सबसे पहले गोपीनाथ शिव मंदिर गोपीकांदर में जल चढ़ाया। इसके बाद काठीकुंड अवस्थित बाबा दानीनाथ मंदिर के लिए नंगे पांव निकल पड़े। सभी भक्तगण बोल बम वस्त्र धारण किए हुए थे। कारूडीह मोड़ जमनी, जमनी क्रेशर, गुमराहपुल होटल के पास पैदल चल रहे शिव भक्तों के लिए पेयजल, फल, शरबत, की व्यवस्था गोपीकांदर एवं काठीकुंड के समाजसेवी द्वारा किया गया।
कांवरियों की भावना
शिवभक्त गोपीकांदर से 15 किलोमीटर की दूरी तय कर दानीनाथ मंदिर गाते-बजाते बोल-बम के जयकारा करते हुए पहुंचे। इस दौरान कोयला लदे हाइवा वाहनों को नियंत्रिण करने के लिए पेट्रोलिंग टीम के मैनेजर बैजनाथ राय ने पहले ही वाहनों को रोक दिया था। ताकि शिवभक्त का जत्था आसानी से दानीनाथ मंदिर पहुंच सके। गोपीकांदर व काठीकुंड पुलिस की भी सराहनीय कदम रहा। पुलिस टीम के देख-रेख में शिवभक्त का जत्था चल रही थी। मौके पर विजय गुप्ता, अमित सिंह, मुकेश पाल, तारा शंकर शिल, प्रीतम सिंह, रवि लाल, मितुल कुमार दास, दिलीप पाल, अशोक वर्मा, नींबू लाल मंडल, राजेश मंडल, मोहन साह काफी संख्या में भक्तगण शामिल थे.
फोटो संख्या-18-तिरुपतिया नदी उत्तर वाहिनी घाट से जल भरकर बाबा दानीनाथ मंदिर जाते भक्त
---
तीसरी सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ी आस्था, नागपंचमी के संयोग से गूंजा हर-हर महादेव
सरैयाहाट, प्रतिनिधि।
सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी के पावन संयोग पर सोमवार को पूरा सरैयाहाट प्रखंड शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध बाबा शुम्भेश्वरनाथ मंदिर समेत विभिन्न शिवालयों में अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों के पट खुलने से पहले ही भक्त हाथों में पूजा सामग्री और जल लेकर कतार में खड़े हो गए। चारों ओर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा। भागलपुर बरारी घाट से जल भरकर सैकड़ों डाकबम कांवरिया पैदल चलकर बाबा शुम्भेश्वरनाथ व सरवाधाम मंदिर में जल अर्पित किया।
पवित्र जल की अर्पण
बाबा शुम्भेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। नागपंचमी के कारण शिवलिंग के साथ नाग देवता की भी विशेष पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने नाग देवता को दूध, लावा, फूल और धूप-दीप अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की मंगलकामना तथा क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की।
फोटो संख्या-16-बाबा शुम्भेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना को पहुंचे श्रद्धालु
---
तीसरी सोमवारी पर हंसडीहा में 13 हजार से अधिक डाकबमों को मिला टोकन
-बोलबम के जयघोष से गूंजा हंसडीहा, देर रात से सुबह तक कांवरियों और डाकबमों का लगा रहा तांता
हंसडीहा, प्रतिनिधि।
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तीसरी सोमवारी पर हंसडीहा में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। बाबा बासुकीनाथ के दरबार में सीधे जलाभिषेक करने के लिए हंसडीहा स्थित डाकबम टोकन वितरण शिविर से 13 हजार से अधिक डाकबमों को टोकन प्रदान किया गया। शाम ढलते ही हंसडीहा चौक श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया और पूरा क्षेत्र शिवभक्ति के रंग में रंग गया। बोलबम के जयघोष, हर-हर महादेव के उद्घोष और डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। केसरिया वस्त्रों में सजे लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से सड़कें मानो आस्था की धारा में बहती नजर आईं। अपने-अपने डाकबमों के स्वागत और सेवा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग सड़क किनारे डटे रहे.
सेवा शिविर
डाकबमों और कांवरियों की सेवा के लिए हंसडीहा सहित विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए थे। शिविरों में श्रद्धालुओं को ठंडा व गर्म पानी, चाय, कॉफी, शरबत, फल, मिठाई, लस्सी तथा प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सेवा भाव और श्रद्धा का यह अनूठा संगम पूरे क्षेत्र में देखने को मिला। हंसडीहा में रात करीब 10 बजे से डाकबमों का पहुंचना शुरू हुआ, जो देर रात और सोमवार सुबह तक लगातार जारी रहा। डाकबमों और कांवरियों के जत्थे सुमेश्वरनाथ, सिरसानाथ, बालेश्वरनाथ, धनेश्वरनाथ सहित छोटी रनबहियार स्थित विभिन्न शिवालयों में जलार्पण के लिए भी गुजरते रहे। श्रद्धालुओं के मनोरंजन एवं आध्यात्मिक उत्साह को बढ़ाने के लिए कई स्थानों पर भक्ति जागरण और आकर्षक झांकियों का आयोजन किया गया। भारी भीड़ के बीच सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा.
हंसडीहा चौक सहित प्रमुख मार्गों पर बीडीओ सह अंचलाधिकारी राहुल कुमार शानू लगातार व्यवस्था की निगरानी करते रहे। वहीं हंसडीहा सर्किल इंस्पेक्टर प्रियंका आनंद, थाना प्रभारी अजीत कुमार यादव, पुलिस बल, चौकीदारों तथा स्थानीय स्वयंसेवकों ने भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई। पुलिस की लगातार गश्त के कारण श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारू रूप से संचालित होता रहा.
फोटो संख्या-17-तीसरी सोमवारी पर हंसडीहा चौक से गुजरते डाकबमों और कांवरियों का विशाल जत्था
---
मसलिया के श्रद्धालुओं ने हंसडीहा में की डाक बम सेवा, रातभर भक्ति में लीन रहे शिवभक्त
दलाही, प्रतिनिधि।
मसलिया प्रखंड क्षेत्र के पश्चिमी भाग स्थित गुमरो, बड़ाडुमरिया,नयाडीह आदि पंचायत के विभिन्न गांवों से प्रदीप प्रसाद भगत, शिव नारायण भगत, विजय साह, सरोज भगत, जितेंद्र भगत,दामोदर साह, अरुण गुप्ता प्रकाश सिंह, युगल सिंह, परशुराम सिंह सहित दर्जनों की संख्या में श्रद्धालु भगवा रंग की वस्त्र धारण कर डाक बम सेवा के लिए हंसडीहा और नोनीहाट पहुंचे। श्रद्धालु विभिन्न प्रकार की मिष्ठान, पीने का पानी, शरबत, दवा और डीजे आदि लेकर हंसडीहा पहुंचे। वहां पहुंचकर श्रद्धालुओं ने पूरी रात भक्ति भाव से सेवा कार्य किया.
भक्ति भाव से सेवा कार्य
सेवा के दौरान श्रद्धालुओं ने आने-जाने वाले कांवरियों के लिए शरबत और दवा की भी व्यवस्था की। थका हुआ कावरियों का पैर, बदन दवा लगाकर मालिश करते हुए डीजे पर बज रहे भजन में झूमते और गाते हुए उनकी थकान दूर करते हुए माहौल शिवमय बना दिया। विदित हो कि हर साल सावन माह में मसलिया क्षेत्र से बड़ी संख्या में शिवभक्त सेवा भाव से सेवा सामग्री लेकर पहुचते और सेवा करते है.
फोटो संख्या-24-हंसडीहा में डाक बम की सेवा करने पहुंचे भक्त


