आयुष्मान कार्डों की नहीं होगी पेंडेंसी, सीएमओ कार्यालय से होगा वेरिफिकेशन
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में कार्ड पेंडिंग की समस्या का समाधान जल्द होगा। साचिज ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब जिला स्तरीय कमेटी आयुष्मान कार्ड का वेरिफिकेशन, अप्रूवल और रिजेक्शन करेगी, जिससे लाभार्थियों को कार्ड जल्दी मिल सकेंगे। इससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में कार्ड पेंडिंग होने की समस्या जल्द ही दूर होगी। योजना के लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए अब कार्यदायी संस्था साचिज ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में बदलाव किया है। नए आदेश के तहत अब आयुष्मान कार्डों के वेरिफिकेशन, अप्रूवल और रिजेक्शन का अधिकार जिला स्तरीय कमेटी को दे दिया गया है। जिला स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अनुमति से पात्रों के आयुष्मान कार्ड जारी हो सकेंगे। इससे आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पात्रों को महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आयुष्मान योजना में कार्ड का पेंडिंग होना बड़ी समस्या बन गई है।
प्रदेश में सवा लाख से अधिक कार्ड पेंडिंग हैं। अब तक की प्रक्रिया के तहत कोटेदार, आशा कार्यकत्री और जनसेवा केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों की ई-केवाईसी होने के बाद पूरा डेटा सत्यापन के लिए सीधे लखनऊ (राज्य मुख्यालय) भेजा जाता था। पूरे प्रदेश का कार्यभार एक ही जगह होने के कारण राज्य स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया महीनों लटकी रहती थी। आयुष्मान कार्ड के बारे में निर्णय होने में कई माह तक पेंडेंसी बनी रहती थी, जिससे गंभीर बीमारी से पीड़ित पात्र मरीजों को समय पर मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
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