धर्मांतरण प्रकरण में आयुष मलिक हाईकोर्ट में तलब, पिता को नोटिस भेजा
धर्मांतरण प्रकरण में आयुष मलिक हाईकोर्ट में तलब, पिता को नोटिस भेजा

मेडिकल व्यवसायी के बेटे आयुष मलिक के धर्मांतरण प्रकरण में हाईकोर्ट ने उसके पिता देवराज मलिक को नोटिस जारी किया है। आयुष को अपना दोस्त बताते हुए मोहम्मद सुल्तान की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में पिता पर आयुष को अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाया गया है। हाईकोर्ट ने देवराज मलिक को 16 सितंबर को आयुष को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। युवक को पेश नहीं किए जाने की स्थिति में एसपी शामली और संबंधित थानाध्यक्ष से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा गया है। शहर के मेडिकल व्यवसायी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक के धर्मांतरण का मामला चार जून को बघरा स्थित आश्रम के महंत स्वामी यशवीर महाराज द्वारा प्रमुखता से उठाया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से चांदनी कुरैशी ने आयुष को प्रेमजाल में फंसाया और उसका धर्मांतरण कराकर फर्जी निकाहनामा तैयार कराया गया। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बाद देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया गया कि संपत्ति हड़पने की साजिश के तहत उनके बेटे आयुष को प्रेमजाल में फंसाकर उसका धर्मांतरण कराया गया। पुलिस ने चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवियों समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने चांदनी कुरैशी, उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में आयुष का दोस्त होने का दावा करते हुए मोहम्मद सुल्तान ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की। याचिका में आरोप लगाया गया कि आयुष को उसके पिता ने अवैध रूप से हिरासत में रखा है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आयुष को 16 सितंबर को कोर्ट के समक्ष पेश करने के लिए उसके पिता देवराज मलिक को नोटिस जारी किया। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट की ओर से आयुष मलिक को 16 सितंबर को पेश करने के लिए उसके पिता को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, देवराज मलिक का कहना है कि उन्हें अभी हाईकोर्ट की ओर से नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।


