लालनिशान से ऊपर बह रही सरयू, बाढ़ का खतरा
अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार को 92.96 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 23 सेंटीमीटर अधिक है। मांझा क्षेत्र में स्थिति चिंता का विषय है। प्रशासन भी अलर्ट है और जरूरत पड़ने पर सहायता की व्यवस्था करेगा।

टांडा, संवाददाता। अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार को 92.96 मीटर दर्ज किया गया, जबकि नदी का खतरे का निशान 92.73 मीटर है। इस प्रकार सरयू नदी खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। मानसून सत्र में यह पहला अवसर है जब नदी का जलस्तर इस स्तर तक पहुंचा है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से टांडा तहसील के माझां क्षेत्र में दहशत और चिंता का माहौल बन गया है। सरयू का पानी अब मांझा क्षेत्र की कई बस्तियों के बेहद करीब पहुंच चुका है। मुबारकपुर गांव में नदी का पानी सड़क के नजदीक पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। हालात को देखते हुए ग्रामीण सतर्क हो गए हैं और अपने परिवारों के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने में जुट गए हैं। कई लोगों ने गाय, भैंस और अन्य मवेशियों को सुरक्षित स्थानों की ओर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। मांझा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर निर्भर हैं। जलस्तर बढ़ने से पशुओं के चारे और सुरक्षित ठिकानों की समस्या गंभीर होती जा रही है। इस क्षेत्र से नावों के माध्यम से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूध टांडा कस्बे तक पहुंचाया जाता है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो दुग्ध आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का स्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। फिलहाल लोग नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहे हैं。
बोले जिम्मेदार-
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर नावों की व्यवस्था, नाविकों की तैनाती, बाढ़ चौकियों का संचालन तथा प्रभावित लोगों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
संजीव कुमार, उप जिलाधिकारी, टांडा


