Ayodhya Muslim parties debate on five acres of land offered by Supreme Court - अयोध्या: पांच एकड़ जमीन पर मुस्लिम पक्षकारों में बहस तेज DA Image
12 नबम्बर, 2019|6:58|IST

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अयोध्या: पांच एकड़ जमीन पर मुस्लिम पक्षकारों में बहस तेज

muslim personal law board thinking on five acre land of ayodhya offered by supreme court  file pic

अयोध्या के विवादित स्थल की जमीन पर मुसलमानों का दावा खारिज करते हुए उसके बजाए अयोध्या में किसी दूसरी जगह पर उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने के मुद्दे पर मुस्लिम पक्षकारों और अन्य मुस्लिम संगठनों में बहस मुबाहिसा तेज हो चला है।


एक तरफ विवाद से जुड़े मुस्लिम पक्षकारों के पैरोकार आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड का कहना है कि मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से किसी अन्य स्थान पर जमीन मांगी नहीं थी। मुस्लिम पक्ष तो विवादित स्थल पर मस्जिद की जमीन वापस मांग रहा है। अगर हम लोगों ने पुर्नविचार याचिका दायर की तो यह एक अहम बिन्दु उस याचिका में जरूर शामिल होगा।


दूसरी तरफ उ.प्र.सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारुकी का कहना है कि हम बोर्ड की बैठक में तय करेंगे कि जो 5 एकड़ जमीन हमें मिलेगी उसे हम लें या न लें। अगर लें तो उस पर मस्जिद बनवाएं या फिर कुछ और....।


जीलानी ने कहा कि हमने कानूनी लड़ाई तो बाबरी मस्जिद की जमीन के लिए लड़ी थी। इससे पहले 1986 में उ.प्र. के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने सुन्नी वक्फ बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन फरहत अली और हम लोगों को बुलाकर प्रस्ताव दिया था कि बाबरी मस्जिद का मुकदमा वापस ले लो और उसके एवज में कहीं भी पांच एकड़ जमीन और 5 करोड़ रुपये भी ले लो मगर हम लोगों ने उस वक्त यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था। तो अब इसे कैसे कुबूल कर लें? इतनी लम्बी कानूनी लड़ाई, इतना संघर्ष, दंगे फसाद किसी और जगह जमीन के लिए तो यह सब कुछ मुसलमानों ने नहीं झेला, मुसलमानों को तो बाबरी मस्जिद की वही जमीन चाहिए।


हम किसी विशेष स्थान की नहीं करेंगे मांग, बैठक में तय करेंगे
उ.प्र.सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारुकी ने कहा कि हम बोर्ड की जल्द बैठक बुलाएंगे और उसमें तय करेंगे कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई 5 एकड़ जमीन बोर्ड स्वीकार करे या न करे। अगर बोर्ड यह जमीन स्वीकार करेगा तो फिर यह भी तय होगा कि उस 5 एकड़ जमीन पर मस्जिद बनेगी या कुछ और निर्माण होगा।

अयोध्या में यह 5 एकड़ जमीन कहां दी जाएगी इस सवाल पर जुफर फारुकी ने कहा कि यह तो केन्द्र और राज्य की सरकारों को तय करना है। जहां तक सुन्नी वक्फ बोर्ड का सवाल है तो बोर्ड ऐसी कोई मांग नहीं करेगा कि उसे किसी स्थान विशेष पर जमीन दी जाए।


फारुकी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि कोर्ट ने कहा है कि केन्द्र सरकार चाहे तो उसके द्वारा अधिग्रहीत 67 एकड़ जमीन में से 5 एकड़ जमीन दी जा सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस बारे में केन्द्र और राज्य की सरकारें आपस में सलाह मशविरा  करके तय करेंगे। फारुकी से पूछा गया कि क्या वह जन्मभूमि परिसर के आसपास की जमीन चाहेंगे? इस पर उन्होंने कहा कि इस बारे में बोर्ड के कानूनी विशेषज्ञों से मशविरा करके ही कुछ कहा जा सकता है।

 

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  • Web Title:Ayodhya Muslim parties debate on five acres of land offered by Supreme Court