एंटी करप्शन ट्रैप कार्रवाई के विरोध में लेखपालों ने की कलम बंद हड़ताल
अयोध्या के सोहावल तहसील में लेखपालों ने एंटी करप्शन टीम की ट्रैप कार्रवाई के खिलाफ हड़ताल की। लेखपाल संघ ने आरोप लगाया कि उनके सदस्य उत्कर्षदीप को झूठे आरोप में फंसाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। अयोध्या के सोहावल तहसील में लेखपाल के खिलाफ एंटी करप्शन टीम की ट्रैप कार्रवाई के विरोध में शनिवार को सदर तहसील के लेखपालों ने कलम बंद हड़ताल कर धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व सदर तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी ने किया। संघ ने आरोप लगाया कि लेखपाल उत्कर्षदीप को रिश्वत के मामले में जबरन फंसाया गया। सीसीटीवी फुटेज व वायरल वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। सदर तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग व जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण व अन्य राजस्व मामलों में नियमों के अनुसार काम करने पर कई बार संबंधित पक्षों अथवा दलालों से विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे में निजी रंजिश या दुर्भावना से की गई शिकायत के आधार पर ट्रैप कार्रवाई कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त को अयोध्या के सोहावल में हुई कार्रवाई से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। संघ का आरोप है कि लेखपाल ने रिश्वत नहीं ली, बल्कि उसके हाथ में रुपये रखे गए। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेखपाल संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ के मंत्री ऋषिकेश शर्मा ने कहा कि लेखपाल संघ भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता। रिश्वत मांगने या लेने वाला कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष कर्मचारी को षड्यंत्र, झूठी शिकायत या निजी रंजिश के आधार पर फंसाना भी स्वीकार नहीं की जाएगी।लेखपालों ने मुख्यमंत्री से अयोध्या प्रकरण की पुलिस से स्वतंत्र एसआईटी अथवा निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच कराने तथा सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, शिकायत और प्री-ट्रैप प्रक्रिया की पड़ताल कराने की मांग की। साथ ही भविष्य में ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, शिकायत की सत्यता और लेखपाल के अधिकार क्षेत्र की जांच अनिवार्य करने तथा एसीओ-विजिलेंस के लिए स्पष्ट एसओपी जारी करने की मांग उठाई। इस दौरान दीपक मणि पाण्डेय, शोभनाथ भारती, शीला चौधरी, मारुतिनंदन निगम, सुनील कुमार यादव, सूरज कुमार, कृष्णमोहन यादव, मनीष कुमार पाण्डेय, अविनाश सहानी सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे।


