Ayodhya case time line Faizabad court gave decision in 1886 - अयोध्या विवाद: 1886 में फैजाबाद कोर्ट ने पहली बार सुनाया था फैसला DA Image
18 नबम्बर, 2019|7:17|IST

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अयोध्या विवाद: 1886 में फैजाबाद कोर्ट ने पहली बार सुनाया था फैसला

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अयोध्या विवाद करीब साढ़े चार सौ साल से भी ज्यादा पुराना है। राम मंदिर और बा‍बरी मस्जिद को लेकर दो समुदायों के बीच यह विवाद 1528 से चला आ रहा है। 1885 में मामला पहली बार कोर्ट पहुंचा। महंत रघुवर दास ने फैजाबाद की अदालत में मुकदमा दर्ज कर  विवादित ढांचे में पूजा की इजाजत मांगी।  इसके बाद 1886 में  फैजाबाद कोर्ट ने फैसले में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मस्जिद हिंदुओं के पवित्र स्थल पर बनी है। बता दें कि 1853 में मंदिर-मस्जिद विवाद को लेकर पहली बार हिंदुओं और मुसलमानों के बीच हिंसा हुई। 

हिंदुओं ने आरोप लगाया कि भगवान राम के मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण हुआ। निर्मोही अखाड़े के महंत रघुबर दास ने फैजाबाद कोर्ट में मस्जिद परिसर में मंदिर बनवाने की अपील की पर कोर्ट ने मांग खारिज कर दी। ब्रिटिश सरकार ने दीवार और गुंबदों को फिर से बनवाया। कहा जाता है कि 1949 में मस्जिद में श्रीराम की मूर्ति मिली। इस पर विरोध व्यक्त किया गया और मस्जिद में नमाज पढ़ना बंद कर दिया गया। फिर दोनों पक्षों ने लोग कोर्ट पहुंच गए। इसपर सरकार ने इस स्थल को विवादित घोषित कर ताला लगवाया दिया।

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अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद मामले में 40 दिन तक लगातार दलीलें सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मुद्दे पर 17 नवंबर से पहले फैसला आ सकता है। सर्वोच्च अदालत का फैसला आने के बाद 160 साल से भी ज्यादा पुराने समय से चल रहे इस ऐतिहासिक मुकदमे का समाधान हो जाने की उम्मीद है।

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  • Web Title:Ayodhya case time line Faizabad court gave decision in 1886