पीएम आवास: 20 हजार आवेदक एआई में उलझे, ग्रामीण लाएंगे मुहर
हिन्दुस्तान विशेष जिले भर के 45006 लोगों ने आवास के किए आवेदन केंद्र सरकार

हिन्दुस्तान विशेष जिले भर के 45006 लोगों ने आवास के किए आवेदन
केंद्र सरकार की ओर से मिलती है 1.20 लाख की मदद
मुरादाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के जरूरतमंदों को अब गांव की टीम से आखिरी उम्मीद है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के ऐप आधारित सर्वे और तकनीकी पेंच में 20 हजार आवेदन उलझे हुए हैं। अब उन्हें ग्राम सभा की खुली बैठक में रखकर आवेदनों को मंजूरी दिलाने की तैयारी है।
नए नियमों के तहत पात्रता की जांच
नई नियमों के तहत पात्रता की जांच के लिए एआई सर्वे ऐप का उपयोग किया जा रहा है। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 45,006 आवासों के आवेदक सूची में नाम आने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से करीब 20 हजार लोगों के आवेदन ऐसे हैं, जिनकी एआई जांच उलझी हुई है। इसलिए विभाग की योजना है कि आपत्तियों का अंतिम सत्यापन ग्रामीण स्तर पर लोगों के माध्यम से तय किया जाएगा। एआई के दो चरणों की जांच के बाद भी आपत्तियों का निदान नही हो पाया है। इस वजह से पात्रों का चयन उलझा है।
जिले में 21,321 परिवारों को मिला पक्का घर
केंद्र सरकार की ओर से साल 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। जनपद में इस योजना के प्रभावी होने के बाद से लेकर अब तक (2016 से 2025 के बीच) कुल 21,321 जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान के लिए वित्तीय मदद पहुंचाई जा चुकी है।
एआई-जनरेटेड सर्वे रिपोर्ट
एआई-जनरेटेड सर्वे रिपोर्ट आने के बाद अब गांवों में भौतिक सत्यापन और ग्राम बैठकों के जरिए वास्तविक पात्रों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। बहुत जल्द ही यह सूची फाइनल होने वाली है। उसके बाद केंद्र की ओर से धन भेजा जाएगा।
श्वेतांग पांडेय, पीडी- डीआरडीए


