‘असफलता जिंदगी का अंत नहीं बल्कि उसका एक हिस्सा है’
शहीद श्री खेमचंद्र डौर्बी राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट में विश्व आत्महत्या निरोध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। छात्र-छात्राओं को आत्महत्या जैसे गंभीर विषय पर खुलकर बात करने, मानसिक परेशानियों को साझा करने और मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया। प्राचार्य डॉ. तरुण कुमार आर्य ने चुनौतियों का सामना करने की सलाह दी।

गरमपानी, संवाददाता। शहीद श्री खेमचंद्र डौर्बी राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट में गुरुवार को विश्व आत्महत्या निरोध दिवस पर यूथ रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्र-छात्राओं को आत्महत्या जैसे गंभीर विषय पर खुलकर बात करने, मानसिक परेशानियों को साझा करने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. तरुण कुमार आर्य ने कहा कि असफलता जिंदगी का अंत नहीं, बल्कि उसका एक हिस्सा है। विद्यार्थियों को चुनौतियों से डरने के बजाय उनका सामना करना चाहिए और किसी भी विपरीत परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. इप्सिता सिंह ने कहा, कि आत्महत्या से जुड़े सामाजिक स्टिगमा को चुनौती देना जरूरी है।
बीए प्रथम वर्ष की छात्रा विशाखा बुधौड़ी ने दिवस की थीम पर जानकारी दी। मोनिका कश्मीरा ने आत्महत्या से जुड़े सामाजिक पहलुओं और विद्यार्थियों में जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। चन्द्रकला ने विश्व आत्महत्या निरोध दिवस के उद्देश्य एवं महत्व के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन बीए प्रथम सत्र की छात्रा इरम बेनजीर ने किया। इस दौरान ममता पांडे, डॉ. निर्मला समेत महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं और अन्य कार्मिक मौजूद रहे।


